रतलाम में पहली बार निकली पूज्य विशोकानंद भारती जी महाराज की भव्य शोभायात्रा

रतलाम में पहली बार पूज्य विशोकानंद भारती जी महाराज की भव्य शोभायात्रा निकाली गई

रतलाम । निर्वाणी अखाड़ा पीठाधीश्वर, आचार्य महामंडलेश्वर परम पूज्य स्वामी श्री श्री 1008 विशोकानंद भारती जी महाराज के दिव्य चातुर्मास महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर शुक्रवार को रतलाम में पहली बार उनकी भव्य शोभायात्रा श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया तथा नगर के विभिन्न समाजों और संगठनों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
शोभायात्रा का शुभारंभ माणक चौक स्थित श्री गोपालजी के बड़े मंदिर से हुआ। इससे पूर्व स्वामी विशोकानंद भारती जी महाराज मंदिर पहुंचे, जहां मंदिर समिति ट्रस्ट द्वारा उनका पुष्पमालाओं एवं सम्मान-पत्र के साथ अभिनंदन किया गया।
इस अवसर पर अखंड ज्ञान आश्रम के स्वामी देव स्वरूपानंद जी, दो मुंह की बावड़ी मठ के स्वामी आत्मानंद सरस्वती जी, स्वामी शिवानंद जी (सुजापुर), नील भारती जी, पंडित नारायण प्रसाद शर्मा (शाजापुर), गोपाल गौशाला के गोशरणानंद जी महाराज तथा महर्षि संजय चैतन्य ब्रह्मचारी सहित अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे।
शोभायात्रा में सबसे आगे ध्वज लिए घुड़सवार आकर्षण का केंद्र रहे। उनके पीछे बैंड की मधुर धुनों के साथ महिलाएं एवं पुरुष भक्ति-भाव से नृत्य करते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा के अंतिम रथ (बग्घी) में स्वामी श्री 1008 विशोकानंद भारती जी महाराज विराजमान थे। यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया।
यात्रा माणक चौक, डालुमोदी चौराहा, नाहरपुरा, धान मंडी, शहीद चौक एवं सैलाना बस स्टैंड होते हुए अखंड ज्ञान आश्रम पहुंची। मार्ग में सर्व ब्राह्मण समाज, अग्रवाल समाज, माहेश्वरी समाज, राजपूत समाज, खटीक समाज, सखवाल समाज, वाल्मीकि समाज सहित लगभग 30 सामाजिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया।
शोभायात्रा में भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, रतलाम विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मनोहर पोरवाल, प्रवीण सोनी, पूर्व महापौर शैलेंद्र डागा,प्रेमलता दवे, भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष बजरंग पुरोहित सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक भी शामिल हुए।
अखंड ज्ञान आश्रम पहुंचने पर स्वामी विशोकानंद भारती जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए बताया कि चातुर्मास के दौरान प्रतिदिन प्रातः 9 से 10 बजे तक कठोपनिषद पर स्वाध्याय तथा सायं 4 से 6 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा एवं दिव्य प्रवचन होंगे। उन्होंने बताया कि श्रीमद् भागवत देवी महापुराण का विशेष आयोजन 17 सितंबर 2026 से प्रारंभ होगा। दिव्य चातुर्मास महोत्सव का आयोजन 31 जुलाई से 26 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। अखंड ज्ञान आश्रम के स्वामी देव स्वरूपानंद जी ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर दिव्य चातुर्मास महोत्सव का आध्यात्मिक लाभ लेने का आग्रह किया।

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