
भीनमाल । अपराधी एक बार कानून, सरकार से बच सकता है लेकिन आपके द्वारा सताई हुई दुखी आत्मा की निकली बद्द दुआओं से परमात्मा भी नहीं बचा सकता है । उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने जैन उपाश्रय विधान सभा को संबोधित करते कहा कि बद्दुआ ओं का दुष्प्रभाव इंसान पर तो पशु और प्रकृति पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि हमारे द्वारा की गई साधना त्याग और दान बद्दु आओं की ज्वाला में जलकर खाक हो जाते हैं।
मुनि कमलेश ने बताया कि बद्दुआ से बढ़कर और कोई अधर्म और पाप नहीं होता हे विश्व के सभी धर्मों ने इससे बचने का संदेश दिया है।
राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि बद्दुआ हिंसा की जननी है उससे अगले का नुकसान हो या ना हो लेकिन स्वयं के सद्गुण नष्ट हो जाते हैं।
जैन संत ने बताया कि कमजोर को देखकर यह मेरा क्या बिगाड़ लेगा यह सबसे बड़ी अज्ञानता है घनश्याम मुनि गौतम मुनि अरिहंत ने विचार व्यक्त किए कौशल मुनि अक्षत मुनि ने मंगलाचरण किया है मुनि कमलेश के सानिध्य में 72 जिनालय में तीन दिवसीय कार्यक्रम 19 फरवरी से प्रारंभ हो रहा है ।