बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों की प्रशिक्षण सह कार्यशाला संपन्न

रतलाम 12 जून। मिशन वात्सल्य अंतर्गत जिले के सभी पुलिस थानों के बाल कल्याण अधिकारी, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड के अध्यक्ष/सदस्य और अन्य स्टेकहोल्डर के साथ किशोर न्याय अधिनियम और पोक्सो अधिनियम पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा समता सागर होटल में जिला स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में मुख्य अतिथि प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड सुश्री सपना कनाडिया, विशिष्ट अतिथि के रूप में अपर कलेक्टर डॉ शालिनी श्रीवास्तव एवं पुलिस विभाग से एडिशनल एसपी श्री विवेक कुमार लाल की गरिमामय उपस्थिति रही।
प्रशिक्षण का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। तत्पश्चात जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री रामनिवास बुधोलिया द्वारा अतिथियों का स्वागत एवं स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया गया तथा बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका के संबंध में चर्चा की गई।
प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट सुश्री सपना कनाडिया द्वारा बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों को किशोर न्याय बोर्ड से संबंधित प्रकरणों, बोर्ड की अपेक्षाओं एवं नियमों की जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने किशोर न्याय अधिनियम के अंतर्गत बच्चों के हित में किए जाने वाले कार्यों एवं प्रक्रियाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव द्वारा पोक्सो एवं जेजे एक्ट के अंतर्गत आने वाले बच्चों के अतिरिक्त सभी बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण निर्मित करने के संबंध में चर्चा की गई। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग से अपेक्षा व्यक्त की कि बच्चों के पोषण के साथ-साथ उनके मानसिक एवं बौद्धिक विकास के लिए भी आंगनवाड़ी केंद्रों पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विवेक कुमार लाल द्वारा पोक्सो संबंधित प्रकरणों में बालिकाओं की आयु संबंधी दस्तावेजों की जांच एवं जानकारी प्राप्त करने की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने साइबर क्राइम, नशा मुक्ति, यातायात नियमों के प्रति जागरूकता की आवश्यकता पर भी बल दिया। साथ ही रतलाम जिले के कुछ क्षेत्रों से नाबालिग बालक-बालिकाओं के पलायन के मामलों पर प्रकाश डालते हुए विभाग से अपेक्षा की कि पोक्सो प्रकरणों में बालक-बालिकाओं एवं उनके अभिभावकों को जागरूक किया जाए।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष द्वारा भी पोक्सो प्रकरणों में आवश्यक कार्यवाही, विभागीय समन्वय तथा गंभीर प्रकृति के मामलों में बालिकाओं को न्याय दिलाने हेतु किए जाने वाले प्रयासों पर जानकारी दी गई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा समस्त बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों को बाल कल्याण समिति की जानकारी से संबंधित स्टीकर भी प्रदान किए गए, जिन्हें सभी थानों में चस्पा किया जाएगा।
मुख्य वक्ता के रूप में श्रीमती पल्लवी पोरवाल एवं श्रीमती मनीषा पायक द्वारा जेजे एक्ट एवं पोक्सो एक्ट के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही फील्ड स्तर पर आने वाली समस्याओं पर चर्चा करते हुए उनके निराकरण हेतु सुझाव भी दिए गए। संचालन सहायक संचालक श्रीमती भारती डांगी द्वारा किया गया। प्रशिक्षण कार्यशाला में पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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