संघ के शताब्दी वर्ष में विजयादशमी उत्सव पर पथ संचलन का महासंगम

रतलाम। रतलाम नगर में विजयदशमी उत्सव पर नगर के पांचो उपनगर से निकले पथ संचलन का महाराणा प्रताप प्रतिमा चौक पर हुआ महासंगम। पांच अप नगरों से निकले पद संचलन का महासंगम महाराणा प्रताप चौक पर हुआ जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में नगर के गणमान्य नागरिक एवं मातृशक्ति उपस्थित थी।
हनुमान उपनगर
हनुमान उपनगर का एकत्रीकरण जैन स्कूल सगोद रोड पर हुआ। अतिथि के रूप में अनीश जी पोद्दार, मुख्य वक्ता डॉक्टर प्रकाश शास्त्री मा.प्रांत संघ चालक एवं नगर सह कार्यवाह मनोज सगरवंशी मंचासीन रहे।
श्री शास्त्री ने कहा कि संघ की स्थापना के समय हिंदू समाज की स्थिति बहुत दयनीय थी लोग कहते थे हमें पागल कह लो पर हिंदू मत कहो ,ऐसे समय में डॉक्टर हेडगेवार ने पूर्ण आत्मविश्वास के साथ घोषणा करी कि “भारत एक हिंदू राष्ट्र है” स्वतंत्रता के आंदोलन में डॉक्टर हेडगेवार को 11 माह का कारावास भी हुआ। 1940 में अपने जीवन के अंतिम क्षणों में उन्होंने कहा की संघ अब देश के कोने-कोने में पहुंच गया है और संघ के शिक्षा वर्ग में मै आज लघु भारत के दर्शन कर रहा हूं उनके पश्चात श्री गुरु जी 32 वर्ष तक सरसंचालक रहे और समाज के हर क्षेत्र में संघ को व्यापक बनाया।
अंबेडकर उपनगर
अंबेडकर उपनगर का एकत्रीकरण आईटीआई ग्राउंड में हुआ जहां मंच पर अतिथि के रूप में डॉक्टर दिनेश भूरिया, मुख्य वक्ता के रूप में प्रांत सह व्यवस्था प्रमुख बलवंत सिंह हाडा व नगर सहकार्यवाह शैलेंद्र सिंह उपस्थित रहे ।
श्री हाडा ने अपने बौद्धिक में कहा कि डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार ने 1925 में संघ की स्थापना की व उनके पश्चात श्री माधव सदाशिव राव गोलवलकर जी ने संघ का विस्तार कर समाज को संगठित कर ऐसा रूप दिया कि जब भी समाज पर कोई आपदा विपदा आए तो सबसे पहले समाज का सहयोग करने के लिए संघ का स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
देश के विभाजन काल, 1962 का चीन युद्ध, आपातकाल का भयानक समय और कांग्रेस द्वारा प्रायोजित 84 में सिख दंगा, राम जन्म भूमि की कार सेवा , रामसेतु तोड़ने का षड्यंत्र , लक्षित हिंसा अधिनियम 2011इन सब कार्यों में संघ ने समाज को संगठित कर राष्ट्रहित में सेवा कार्य और समाज जागरण का उदाहरण प्रस्तुत किया।श्री सुदर्शन जी संघ तथा हिंदू समाज का भविष्य जानते थे और उन्होंने कहा था कि 2011 के बाद नया भारत उदित होगा। और आज हम मां भारती को परम वैभव पर पहुंचने का सपना साकार होते हुए देख रहे हैं
संत रविदास उपनगर
संत रविदास उपनगर का एकत्रीकरण सरस्वती शिशु मंदिर काटजू नगर में हुआ । अतिथि सरदार अवतार सिंह ,माननीय जिला संघ चालक सुरेंद्र सुरेखा एवं मुख्य वक्ता प्रांत घोष प्रमुख आशुतोष शर्मा मंचासीन रहे।
श्री शर्मा ने कहा कि भारत धन शक्ति और ज्ञान में परिपूर्ण होने के बाद भी असंगठित होने के कारण विदेशियों द्वारा पराधीन हुआ। अपने संघ के 100 वर्षों के इतिहास से सभी को अवगत कराया।
प्रताप उपनगर
प्रताप उपनगर का एकत्रीकरण 80 फीट रोड पर हनुमान ताल के पास में मैदान में हुआ अतिथि के रूप में आदित्य जी वोहरा, मुख्य वक्ता प्रांत प्राध्यापक प्रमुख शैलेश जी त्रिपाठी एवं नगर कार्यवाहक किशन जी माहेश्वरी मंचासीन थे। मुख्य वक्ता श्री त्रिपाठी ने कहा कि आज संघ अपने विराट रूप में है एक छोटे से स्थान से प्रारंभ किया गया संघ आज विश्व के अनेक देशों में अपना विस्तार कर चुका है आज 50 से अधिक हमारे सम वैचारिक संगठन समाज सेवा के और जागरण के कार्य में लगे हुए हैं । विश्व के सबसे बड़े संगठन के रूप में आज संघ की गिनती होती है
विक्रम उपनगर
विक्रम उपनगर का एकत्रीकरण सेठिया मैरिज गार्डन पर हुआ मंच पर अतिथि डॉ योगेंद्र सिंह चाहर माननीय नगर संघचालक राजेश पटेल एवं मुख्य वक्ता प्रांत ग्राम विकास प्रमुख सोहन परमार रहे।
आपने कहा कि जहां स्वयंसेवक है वहाँ शाखा होतै है जहां शाखा है वहां सामाजिक समरसता होती है और वह स्थान समाज में संस्कार के केंद्र होते हैं आपने बताया कि संघ के शताब्दी वर्ष में वर्ष भर अनेक तरह के कार्यक्रम होंगे जिम हिंदू सम्मेलन सद्भाव बैठके युवा सम्मेलन आदि रहेंगे।
आज नगर के इन स्थानों से निकले पद संचलन से पूरा नगर ही संग में हो गया स्थान स्थान पर पुष्पों की वर्षा से समाज जनों ने स्वागत किए।