श्री संघ ने महासतिया जी का 38 वा दीक्षा दिवस तीन दिवसीय धार्मिक एवं सेवा प्रकल्प के रूप मे मनाया




रतलाम । आत्म-सुधार ही जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने बंदियों को अपने जीवन में अपराध नहीं करना और सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित किया उक्त संबोधन दीक्षा दिवस के अवसर पर आयोजित सर्किल जेल रतलाम में महासाध्वी दक्षिण चंद्रिका डॉ. संयमलता म.सा. ने बंदियों को जीवन सुधार के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रवचन मे दिए । इस अवसर पर उन्होंने बंदियों को आत्म-सुधार के मार्ग पर चलने और सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। आपने कहा की इन मूल्यों को अपनाकर ही हम एक सार्थक जीवन जी सकते हैं। व्यसन और क्रोध सभी अपराधों का मूल है। व्यसनमुक्त और क्रोधमुक्त जीवन जीना है। यदि सोमवार को क्रोध आए तो यह समझकर टाल दो की आज सप्ताह के पहले दिन क्रोध नही करूँ, मंगलवार को सबका मंगल हो इसलिए क्रोध नही करना, बुधवार आत्मा की शुद्ध करने का वार, गुरुवार गुरु का वार, शुक्रवार सबका शुक्राना अदा करने का वार, शनिवार को क्रोध किया तो शनिदेव नाराज हो जाएंगे और रविवार तो छुट्टी का वार है इसलिये क्रोध नही करना। इस प्रकार सप्ताह के इन सात दिनों में क्रोध नही करना। सभी बंदियों को हत्या न करने की, चोरी, आतंकवादी न बनने की शपथ दिलवाई।
इस अवसर पर बापूलाल महेंद्र कुमार, सौरभकुमार बोथरा परिवार द्वारा दीपावली हेतु महिला बंदियों को नई साड़ी एवं श्रृंगार का सामान भेंट किया गया। इस अवसर पर लक्ष्मण कुमार सिंह भदौरिया, जेल अधीक्षक, ब्रजेश मकवाने, उप जेल अधीक्षक, विनोद विश्नोई सहायक जेल अधीक्षक एवं अन्य स्टाफ उपस्तिथ था ।
श्रीसंघ मीडिया प्रभारी नीलेश बाफना ने बताया कि दक्षिण चन्द्रिका जैन दिवाकरीय डॉ संयमलता म सा के 38 वे दीक्षा दिवस के निमित्त तीन दिवसीय कार्यक्रम मे प्रथम दिवस श्रीसंघ के श्रावक श्राविको ओर बच्चों द्वारा विराट भिक्षु दया का आयोजन हुआ । द्वितीय दिवस जैन दिवाकर गौशाला मे गौसेवा की गई इसी के साथ साथ अपना घर मे निशक्त जनो की सेवार्थ आश्रम मे सम्पूर्ण भोजन करवाया गया । ओर जिला जेल मे बंदी भाइयो को प्रेरणादायी प्रवचन हुए । तृतीय दिवस श्रीसंघ सदस्यो के लिए निः शुल्क रक्त परीक्षण शिविर का आयोजन हुए 150 सदस्यो का रक्त परीक्षण किया गया जिसमे बीपी, शुगर, लिवर, हार्ट, किडनी, हीमोग्लोबिन एवं रक्त ग्रुप की जाँच की गई । इसी के साथ साथ दो चिकित्सा वाहनों को हरी झंडी महासाध्वी डॉ संयमलता मसा, डॉ अमितप्रज्ञा म सा, डॉ कमलप्रज्ञा म सा, साध्वी सौरभ प्रज्ञा म सा के सानिध्य मे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया जो गरीब बस्तियों मे जाकर सेकड़ो नागरिकों ने लाभ उठाया जिसमे उनका निः शुल्क स्वास्थय परीक्षण एवं दवा वितरण की गई । इस तीन दिवसीय कार्यक्रम के सम्पूर्ण लाभार्थी स्व, बापूलाल जी बोथरा की स्मृति मे महेन्द्र बोथरा सौरभ बोथरा परिवार था ।
कार्यक्रम को सफल बनाने मे श्री संघ अध्यक्ष अजय खिमेसरा, महामंत्री विनोद कटारिया, कोषाध्यक्ष अमृत कटारिया, इन्दरमल जैन, मणि लाल कटारिया, सुरेश कटारिया,ललित पटवा, जयंतिलाल डागी, विनोद बाफना, आशीष कटारिया, वीरेंद्र कटारिया, अरिहंत बोराना, रीना गाँधी, ऋतु कटारिया, समता पितलिया, प्रवीणा भटेवरा, मोनिका मेहता महिला राजकुमारी पोखरना, कुसुम भटेवरा, ललिता बोथरा, आस्था बोथरा, साधना श्रीश्रीमाल सुहानी पटवा, भूमि गाँधी, रक्षिता पटवा, लक्ष्य कटारिया, श्रेयांस बाफना, शुभ बोराणा, संजय पुंगलिया, सुभाष बाफना, फकीरचंद सोनी, अनिल गांधी, पंकज पटवा, पारस मेहता, संजय बोथरा, नीलेश बोथरा, ललित बोथरा, अनुज छाजेड, रवि बोथरा, स्वतंत्र पाटनी, गर्वित गोखरू, विपिन कटारिया, विजय पुंगलिया, यश पुंगलिया आदि का सहयोग रहा ।