मानव सेवा की अद्वितीय मिसाल पेश करते हुए नेत्रदान किया गया

रतलाम । शहर के नागरवास निवासी स्व. राजमल जैन के सुपुत्र धर्मनिष्ठ विजय कुमार जैन के निधन उपरांत उनके परिवार ने मानव सेवा की अद्वितीय मिसाल पेश करते हुए नेत्रदान का निर्णय लिया। सामाजिक कार्यकर्ताओं आनन्द जैन, अर्पित जैन एवं चंदन मादरेचा की प्रेरणा से स्व. विजय कुमार जैन के भाई जयन्त कुमार जैन, पुत्र सौरभ जैन एवं परिजनों ने नेत्रदान हेतु सहमति प्रदान की। परिजनों द्वारा इस संबंध में रतलाम मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. अनीता मुथा को सूचना दी गई।
उनके निर्देशन में नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ. रिशेन्द्र सिसोदिया के नेतृत्व में नर्सिंग ऑफिसर विनोद कुशवाह, भावना खन्ना, रितेश मंडलोई, गौरव श्रीवास्तव ने हीरालाल मईड़ा के सहयोग से नेत्रदान की प्रक्रिया पूर्ण की। इस महान पहल से दो जरूरतमंद व्यक्तियों को नई दृष्टि प्राप्त होगी।
नेत्रम संस्था के हेमंत मूणत ने जैन परिवार के इस निर्णय को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि – “नेत्रदान अंधकार में उजास की लौ है। यह एक ऐसा महादान है, जो मृत्यु के पश्चात भी जीवन प्रदान करता है।”