रतलाम । जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री उमेश कुमार गुप्ता के निर्देशानुसार 23 फरवरी को एडीआर सेंटर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 के संबंध में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री साबिर अहमद खान के मुख्य आतिथ्य में बैठक संपन्न हुई।
बैठक में जिला दहेज प्रतिषेध अधिकारी/जिला विधिक सहायता अधिकारी सुश्री पूनम तिवारी, अध्यक्ष दहेज सलाहकार समिति श्रीमती सबा शाहकार खान, सदस्य दहेज सलाहकार समिति श्री रमेश केशरी तथा श्री पी.आर. बरसोना उपस्थित थे। दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 के अंतर्गत बैठक में दहेज कुरीतियों को दूर करने के लिए आम नागरिकों को जागरूक किये जाने हेतु प्रचार-प्रसार के माध्यम से जानकारी प्रदान किये जाने पर आम सहमति तैयार हुई। साथ ही दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 के अंतर्गत प्रभावी कार्यवाही किये जाने हेतु प्रभावी रणनीति बनाकर बिन्दुवार चर्चा की गई जिनमे विवाह स्थलों, शादी हाल/सार्वजनिक मंदिर, सामाजिक संस्थाओं आदि का औचक निरीक्षण करना, वैवाहिक स्थलों एवं विवाहघरों को निर्देशित करना कि वे उन स्थलों पर आयोजित होने वाले विवाहों के पक्षकारों के उपहारों की सूची दहेज प्रतिषेध अधिकारी कार्यालय, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रतलाम में प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित करना शामिल है।
जिले के समस्त शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनके परिवार में होने वाली शादी को दहेज विहीन करने हेतु शपथ-पत्र प्रस्तुत किये जाने के संबंध में चर्चा की गई।
दहेज प्रतिषेध अधिकारी द्वारा आमजन से अपील की गई है कि दहेज के इस सामाजिक अभिशाप को समाप्त करने में अपना सक्रिय योगदान दें एवं किसी भी प्रकार के दहेज का लेन-देन न करें। दहेज की मांग संबंधी किसी भी समस्या के लिये दहेज प्रतिषेध अधिकारी कार्यालय से संपर्क करें। साथ ही यदि कोई अच्छी साख वाली विधिवत पंजीकृत सामाजिक संस्था इस विषय पर कार्य कर रही है तो वह भी दहेज उन्मूलन की कार्यवाही में सम्मिलित होने हेतु कार्यालय से संपर्क करें।