इंप्लांट और अंतरा सब कुटेनियस दो बच्चों के बीच अंतर रखने का नवीन साधन – डॉ. संध्या बेलसरे

रतलाम । रतलाम जिले में परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत नए साधन इंप्लांट और अंतरा सब कुटेनियस की सेवाएं जिला चिकित्सालय रतलाम और मेडिकल कॉलेज रतलाम में प्रारंभ की गई है। डॉ. लक्ष्मी नारायण मेडिकल कॉलेज में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ डीन डॉक्टर अनीता मुथा, सीएमएचओ डा संध्या बेलसरे, अधीक्षक डॉक्टर प्रदीप मिश्रा, विभागाध्यक्ष डॉ रेखा गुप्ता, चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सुहानी भाटी, यूएनएफपीए के डॉक्टर सिद्धांत तथा जिले के स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों की उपस्थिति में किया गया। प्रशिक्षण के दौरान रतलाम जिले के शासकीय अस्पतालो में पदस्थ स्त्री रोग विशेषज्ञों को अंतरा सब कुटेनियस और इंप्लांट का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
इम्प्लान्ट के लाभ
इम्प्लांट एक छोटा, लचीला रॉड होता है, केवल 4 से.मी. (डेढ़ इंच) लंबा, जिसमें प्रोजेस्टिन हार्मोन होता है। यह महिला को लगातार 3 वर्ष तक गर्भधारण से सुरक्षा प्रदान करता है। महिला जब चाहे इसे निकलवा सकती है और तुरंत गर्भधारण कर सकती है।
यह बहुत ही सुविधाजनक एवं सुरक्षित विधि है।, स्तनपान कराने वाली महिलाएं भी इसका उपयोग कर सकती हैं क्योंकि यह न तो दूध को और न ही शिशु को प्रभावित करता है।, यह पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिज़ीज़ (पीआईडी) और आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया जैसी बीमारियों से भी सुरक्षा प्रदान करता है।, लगाने या निकालने के समय हल्की असुविधा हो सकती है, तथा मासिक धर्म में बदलाव संभव हैं, जो विधि के प्रभाव का सामान्य परिणाम है
अंतरा एस.सी. के लाभ
अंतरा (डीएमपीए) इंजेक्शन एक सरल एवं सुरक्षित गर्भनिरोधक विधि है, जो 3 माह तक गर्भधारण से सुरक्षा प्रदान करती है।
प्रत्येक इंजेक्शन के बाद तीन महीने तक प्रभावी सुरक्षा मिलती है।, स्तनपान कराने वाली महिलाएं भी इसका सुरक्षित रूप से उपयोग कर सकती हैं (डिलीवरी के डेढ़ महीने बाद से)।, यह गोपनीय, दीर्घकालिक और पुनःप्राप्त करने योग्य विधि है कृ महिला इंजेक्शन बंद करने के बाद पुनः गर्भधारण कर सकती है।, यह महिलाओं के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालती है और एनीमिया से भी आंशिक सुरक्षा प्रदान करती है।