


जावरा (अभय सुराणा) । मुनिराज डॉ लाभेश विजय जी म सा के मार्गदर्शन में परम पूज्य प्रातः स्मरणीय दादा गुरुदेव श्रीमद्विजय राजेन्द्र सूरीश्वर जी म सा की 200 वी जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में गुरुदेव के सम्पूर्ण भारत वर्ष के जैन श्रावक श्राविका द्वारा हस्त निर्मित 421 चित्रों की रथ यात्रा पुना से प्रारम्भ होकर सम्पूर्ण भारत वर्ष में भ्रमण के पश्चात म प्र की धन्यधरा गुरुदेव की क्रियोद्धार भूमि जावरा नगर में आगमन हुआ । 12 नवम्बर को जैन पंचायती नौरा में एक दिवसीय प्रदर्शनी लगाई।
जिसका उदघाटन प्रातः 9:30 बजे जैन पंचायती नोहरा में परम पूज्य पूज्य साध्वी श्री अमृतरसा श्री जी म.सा. आदि ठाणा 3 ने की निश्रा में श्री संघ अध्यक्ष द्वय प्रकाश चोरड़िया एवँ अजीत चत्तर, समाज जे वरिष्ठ धरमचंद चपडो़द, कमल नाहटा, अशोक लूक्कड़, राजेन्द्र राठौड़ , विनोद वरमेचा ,अभय चोपड़ा, महेंद्र ओरा , मोतीलाल चपडोद द्वारा किया गया।
राजेंद्रसूरी गुरुदेव की समुदायवर्तनी परम पूज्य साध्वी श्री अमृतरसा श्री जी म.सा. ने अपने उदबोधन में समाजजन को संबोधित करते हुए कहा कि मुनिराज लाभेश विजय जी ने बहुत ही सरहनी कार्य किया है, 200 वी जन्म शताब्दी के अवसर पर पूरे भारत वर्ष में यह प्रदर्शनी लगाकर एक अभूतपूर्व कार्य किया है आपको यह प्रेरणा गुरुदेव से मिली ओर आपने इसे धरातल पर उतार दिया खूब अनुमोदना आपकी। इस कार्य से युवा पीढ़ी को जहां जिनशासन एवं धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ेंगी एवं बच्चों को प्रेरणा मिलेगी।
साध्वी श्री जी के उदबोदन के पश्चात श्री संघ एवं मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन, गुरुदेव की मूर्ति पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की एवं जावरा के प्रतिभाशाली चित्रकार भाविका धारीवाल एवं आस्था नाहटा जिन्होंने इस चित्रकला प्रतियोगिता में जावरा नगर से भाग लिया था का भी बहुमान किया एवं आशीर्वाद दिया। पूना से पधारे प्रदर्शनी यात्रा संयोजक राजेश नाविशा जैन का भी श्री संघ एवं अतिथियों द्वारा बहुमान किया गया।
अपने अध्यक्षीय उदबोदन में प्रकाश चोरड़िया कहा की गुरुदेव की क्रियोद्धार भूमि जावरा में यह प्रदर्शनी लगना अत्यंत सौभाग्य की बात है। आज पूज्य साध्वी जी की इस कार्यक्रम में निश्रा मिली यह भी अत्यंत सुखद क्षण है। गुरुदेव के हस्त निर्मित चित्रों को देखना वाकई यह अदभूत है।
समाजसेवी धरमचंद्र चपडो़द ने कहा कि आज हम सबको प्रेरणा लेनी चाहिए एवं गुरुदेव की अदभुत प्रदर्शनी को देखकर ऐसा लग रहा है कि स्वयं गुरुदेव आज हमारे बीच में उपस्थित है। मुनिराज लाभेश विजय जी की जितनी प्रशंसा की जावे कम है। श्रीसंघ अध्यक्ष अजीत चत्तर ने कहा यह मुनिराज श्री ने अनुमोदनीय कार्य किया है। पूज्य गुरुदेव के चित्रों की इतनी बड़ी प्रदर्शनी पहली बार देखी है अदभुत है शानदार है। व्यवस्था समिति के सभी सम्माननीय सदस्यों को खूब अनुमोदना।
समाजसेवी प्रवीण नवकार ने कहा कि आज यह अदभुत चित्रकारी देखते ही बनती है एवं बचपन से लेकर पचपन तक के सभी श्रावक श्राविकाओं ने अपने हुनर का अदभुत इस्तेमाल किया। परम पूज्य मुनिराज लाभेश विजय जी खूब अनुमोदना।
प्रदर्शनी यात्रा संयोजक राजू जैन पूना ने कहा कि पिछले 3 सालों से यह अद्भुत चित्रकला प्रतियोगिता का कार्य चल रहा था और हर प्रांत में हम प्रदर्शनी के माध्यम से समाजजन को पूज्य गुरुदेव श्री के चित्रों के बारे में और उनकी कहानी के बारे में जानकारी दे रहे थे।
अंत मेंआभार प्रकट करते हुए समाजसेवी राजेश वरमेचा ने कहा कि परम पूज्य साध्वी म.सा. एवं सकल श्री संघ एवं आज के सभी मुख्य अतिथियो की खूब अनुमोदना आप सब एक बार के निमंत्रण पर पधारे एवं पूज्य मुनिराज लाभेश विजय जी को जो गुरुदेव से प्रेरणा मिली उन्होंने तुंरत पूरे भारत वर्ष में इसे चित्रकला के माध्यम से उतारकर समाजजन को एक नया माध्यम दिया गुरुदेव के अलग अलग रूपों का दर्शन करने का आप सभी पधारे त्रिस्तुतिक श्री संघ जावरा आपका आभार प्रकट करता है।
व्यवस्था समिति के प्रकाश चोरडिया, अनिल चोपड़ा राजेश वरमेचा, विनोद मेहता, मुकेश मेहता, सुभाष डुंगरवाल,शिखर धारीवाल,नीलेश सुराणा ने बताया कि गुरुदेव की भव्य आरती एवं पालना झूलना का भी इस प्रदर्शनी कार्यक्रम रखा गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन समाजसेवी निलेश कुमार सुराणा ने किया। आज के इस शुभ अवसर पर देवेंद्र धारीवाल, अंकित लूक्कड़, विजय धारीवाल, मनीष मेहता, अर्पित चत्तर, धर्मेन्द्र कोलन, नगीन सकलेचा, अभिषेक बोरदिया, अशोक कटारिया एवं अन्य समाजन की उपस्थित उद्घाटन समारोह में रही एवं हजारों श्रावक श्राविकाओं ने स्कूली बच्चों ने गुरुदेव की प्रदर्शनी में गुरुदेवो के चित्रों देखकर भूरी भूरी प्रशंसा की।प्रदर्शनी को निहारने हेतु दिन भर श्रद्धालुओ का आने क्रम निरन्तर बना रहे सभी ने प्रदर्शनी देख कर मुक्त कंठ से प्रशंसा की।