दूध केवल आहार नहीं, भारत की आत्मा है, दुग्ध कर्मवीरों का सम्मान हमारा कर्तव्य है- जिला अध्यक्ष राजकुमार हरण

जावरा (अभय सुराणा)। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन की जिला इकाई द्वारा मंगलवार को भारतीय राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के अवसर पर विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान जावरा दुग्ध संघ के अध्यक्ष संजय मूंदड़ा, सचिव वैभव चोपड़ा और दुग्ध डेयरी संचालक कैलाश चोपड़ा को मोतियों की माला पहनाकर एवं शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। जिला अध्यक्ष राजकुमार हरण ने बताया कि राष्ट्रीय दुग्ध दिवस प्रतिवर्ष 26 नवंबर को मनाया जाता है। वर्ष 2014 से शुरू हुए इस उत्सव का उद्देश्य दूध और डेयरी उत्पादों के पोषणात्मक महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा डेयरी किसानों और दुग्ध सहकारी समितियों के योगदान को सम्मानित करना है। उन्होंने बताया कि 26 नवंबर महान व्यक्तित्व डॉ. वर्गीस कुरियन की जयंती है, जिन्हें भारत में श्वेत क्रांति का जनक और “मिल्क मैन ऑफ इंडिया” के नाम से जाना जाता है। इसी कारण उनके जन्मदिन को राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के रूप में चुना गया।
सम्मान ग्रहण करते हुए दुग्ध संघ के अध्यक्ष संजय मूंदड़ा ने कहा कि “जावरा में आज तक किसी संस्था ने दुग्ध दिवस नहीं मनाया। पहली बार किसी संगठन ने हमारे कार्यों के महत्व को समझकर यह सम्मान दिया है।”
दुग्ध संघ के सचिव वैभव चोपड़ा ने कहा कि “25 नवंबर को हमने लोगों को यह जानकारी दी थी कि 26 नवंबर राष्ट्रीय दुग्ध दिवस है। आज हरण जी द्वारा इसे मनाते हुए सम्मान दिया जाना हमारे लिए अत्यंत गर्व का विषय है। हम अगले वर्ष इस दिवस को और बड़े स्तर पर मनाएंगे।”
कार्यक्रम में संगठन के सचिव शैलेंद्र श्रीश्रीमाल, संगठन मंत्री आशीष सकलेचा, मीडिया प्रभारी प्रतीक लोढ़ा तथा कोषाध्यक्ष अनिल श्रीश्रीमाल उपस्थित रहे। आभार आशीष सकलेचा ने व्यक्त किया। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी प्रतीक लोढ़ा द्वारा दी गई।