


रतलाम। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद जिला रतलाम के तत्वाधान में विकासखंड समन्वयकों, परामर्शदाताओं एवं नवांकुर संस्थाओं की कार्ययोजना पर बैठक आज उत्कृष्ट विद्यालय रतलाम के सभागृह में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता परिषद के उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त) मा. श्री मोहन नागर ने की।
बैठक के दौरान श्री मोहन नागर ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आगामी दो वर्षों में जन अभियान परिषद के संगठनात्मक ढाँचे को प्रदेश के सभी 55 हजार ग्रामों तक सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नवांकुर सखी अभियान, युवा जन अभियान, माटी गणेश अभियान सहित परिषद के अन्य सामाजिक अभियानों को गाँव–गाँव तक विस्तार दिया जाएगा, जिससे समाज आधारित विकास और अधिक प्रभावी होगा। अंत में, श्री नागर ने सभी संस्थाओं से ग्राम स्तर पर जल संरक्षण, नेतृत्व विकास, युवा सहभागिता तथा सामाजिक परिवर्तन के अभियानों को और अधिक मजबूती से आगे बढ़ाने का आह्वान किया, सीएमसीएलडीपी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कार्यक्रम ग्रामीण नेतृत्व निर्माण का सशक्त माध्यम है। इसके द्वारा युवाओं, महिलाओं एवं नवांकुर संस्थाओं में नेतृत्व क्षमता, संसाधन प्रबंधन और समुदाय आधारित कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिली है।
बैठक में जल संचय अभियान और बोरी बंधान की उपयोगिता पर भी विशेष चर्चा हुई। श्री नागर ने बताया कि बोरी बंधान एक सरल, कम लागत वाला और अत्यंत प्रभावी जल संरक्षण उपाय है, जिसके माध्यम से वर्षाजल संरक्षण बढ़ता है, नालों की गति नियंत्रित होती है और भूजल स्तर में सुधार होता है। यह अभियान जन-सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण है और ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
बैठक में उपस्थित प्रमुख जनों मे
संभाग समन्वयक श्री शिवप्रसाद मालवीय, जिला समन्वयक श्री रत्नेश विजयवर्गीय, उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य श्री सुभाष कुमावत, क्षेत्रीय पार्षद श्रीमती अनीता कटारा, समाजसेवी श्री गोविंद काकानी, श्री गोपाल काकनी, पर्यावरणविद डॉ. खुशाल सिंह पुरोहित, विकासखंड समन्वयक श्री शैलेंद्र सिंह सोलंकी, श्री निर्मल अमलियार, श्री रतनलाल चरपोटा, श्री मुकेश कटारिया, श्री शिवशंकर शर्मा, श्री महावीर दास बैरागी, सहित सभी नवांकुर संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं परामर्शदाता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में परिषद की आगामी कार्ययोजना, नवांकुर संस्थाओं की भूमिका, पर्यावरण संरक्षण, युवा सहभागिता एवं ग्रामीण संगठन विस्तार पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम का संचालन परिषद के जिला समन्वयक श्री रत्नेश विजयवर्गीय के द्वारा किया गया तथा अमृता की माला व सम्मान पत्र के द्वारा अतिथियों का सम्मान श्री विशाल वर्मा पतंजलि के द्वारा किया गया।