
जावरा (अभय सुराणा) प पु दादा गुरुदेव श्रीमद्विजय राजेन्द्र सूरीश्वर जी म सा के पट परम्परा में नवम गादीपति एवं प पू गच्छाधिपति आचार्यदेव श्रीमद्विजय ऋषभचंद्र सूरीश्वर जी म सा के पट्टधर एवम प पु ज्योतिषाचार्य मालव रत्न मुनिराज श्री जयप्रभ विजय जी म सा के शिष्य रत्न प पु मालव केशरी, गच्छाधिपति आचार्य देवेश श्रीमद्विजय हितेशचंद्र सूरीश्वर जी महाराजा एवं प पु मुनिराज श्री दिव्यचन्द्र विजय जी म सा एवं प पु मुनिराज श्री वैराग्य यश विजय म सा के साथ अपना इस वर्ष का ऐतिहासिक वर्षावास देश की औधोगिक राजधानी मुम्बई में सफलता पूर्वक सम्पन्न कर म प्र के धन्य धरा की ओर विहार प्रारम्भ हो चुका है।
गच्छाधिपति जी अपने मुनिमण्डल सहित सम्भवतः दिनांक 17 दिसम्बर 2025 को दादा गुरुदेव की पुण्य धरा श्री मोहनखेड़ा तीर्थ पर पधारेंगे। पूज्य गच्छाधिपति इस वर्ष के 27 दिसम्बर 2025 को श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ में आयोजित गुरु सप्तमी महामहोत्सव कार्यक्रम को निश्रा प्रदान कर कर्नाटक की धन्य धरा रानी बेनूर नगर में फरवरी माह में हुकमीचंद्र जी वागरेचा परिवार द्वारा नवनिर्मित मंदिर की प्रतिष्ठा समारोह को निश्रा प्रदान करने हैतू विहार करेंगे।उक्त जानकारी त्रिस्तुतिक श्रीसंघ के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल चोपड़ा ने दी।