भ्रष्टाचार के मामले में तत्कालीन डिप्टी रेंजर अब्दुल तनवीर खान को 04 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 2000/- रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया

रतलाम । विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त उज्जैन के विशेष प्रकरण क्रमांक 04/2023 में माननीय विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) श्रीमान् संजीव कटारे द्वारा आज दिनांक 04.12.2025 को पारित अपने निर्णय में मुख्य आरोपी अब्दुल तनवीर खान, उम्र 58 वर्ष तत्कालीन डिप्टी रेंजर, कार्यालय वन विभाग, रतलाम को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 में दोषसिद्ध पाते हुऐ 04 वर्ष के सश्रम कारावास तथ़ा राशि 2,000/- रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित कर आरोपी को जेल भेजा गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक (भ्र.नि.अधि.) श्री कृष्णकांत चौहान द्वारा की गई।
प्रभारी उपनिदेशक अभियोजन/सहायक निदेशक अभियोजन, जिला रतलाम श्रीमती आशा शाक्यवार के द्वारा बताया गया कि – दिनांक 13.03.2021 को आवेदक सुलेमान खान ने लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन में उपस्थिति होकर एक लिखित शिकायत आवेदन पत्र इस आशय का प्रस्तुत किया कि उसने 08 महिने पहले सूखी लकडी जंगल से उठाने व गाडी में भरकर लाकर बेचने के लिए टी.पी. हेतु वनमण्डल कार्यालय रतलाम में आवेदन दिया था, लेकिन उसे आज तक टी.पी. नहीं दी गई। उसने दिनांक 01.03.2021 को ग्राम सुराना में रतलाम के सलीम भाई से बबूल की सूखी लकडी खरीदी थी, जिसे ट्रांसपोर्ट के ट्रक नम्बर जीजे34टी1786 में भरकर बेचने के लिए गुजरात ले जा रहा था। दिनांक 01.03.2021 को डिप्टी रेंजर रतलाम तनवीर खान पे उसकी उक्त गाडी मुंदडी गांव के पास पकड ली, जबकि तनवीर खान की बीट में मुदंडी गांव नही आता है। तनवीर खान ने गाडी छोडने के लिए एक लाख पच्चीस हजार रूपए मांगे थे। फरियादी सुलेमान पाशा ने कहा कि जितना जुर्माना बनता है उसकी रसीद बना दो तो मुख्य आरोपी अब्दुल तनवीर खान ने कहा कि 70 हजार का जुर्माना लगेगा। फिर उसने 02.03.2021 से 04.03.2021 तक टुकडों में तनवीर खान को 70 हजार रूपए दिये थे, तो 10.03.2021 को उसकी गाडी छूट गई थी, लेकिन उसमें 20 हजार रूपए का जुर्माना ही लिखा था, तब उसने डिप्टी रेंजर तनवीर खान से पूछा तो उन्होने बोला कि पूरे सवा लाख रूपए लूंगा नहीं तो तेरी गाडी को फिर से फंसा दूगा और भविष्य में कोई धंधा नही करने दूंगा। उसके बाद से मुख्य आरोपी अब्दुल तनवीर खान ने लगातार 50 हजार रूपए की मांग फरियादी सुलेमान पाशा से की।
आवेदक सुलेमान पाशा द्वारा दिए गए आवेदन पर निरीक्षक राजेन्द्र वर्मा, विपुस्था लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन ने रिश्वत की मांग की जाने की पुष्टि की जाने के लिए आवेदक सुलेमान पाशा को रिश्वत संबंधी वार्तालाप को गोपनीय रूप से रिकॉर्ड करने के लिए शासकीय डिजिटल वाईस रिकॉर्डर दिया तथा मुख्य आरोपी अब्दुल तनवीर खान और आवेदक सुलेमान पाशा के मध्य हुई रिश्वत संबंधी बातचीत की रिकॉर्डिंग कराई गई। रिश्वत संबंधी बातचीत के दौरान मुख्य आरोपी अब्दुल तनवीर खान द्वारा 25,000/- रूपए लेकर सोमवार को बुलाया और शेष 25 हजार रूपए बाद में देने को कहा है।
तत्पश्चात रिश्वत की मांग प्रमाणित पाए जाने पर, विधिवत ट्रैप कार्यवाही दिनांक 16.03.2021 को कार्यालय वन परिक्षेत्र, बाजना रोड, रतलाम से मुख्य आरोपी अब्दुल तनवीर खान को आवेदक सुलेमान खान से 25,000/- रूपए रिश्वत लेते हुऐ लोकायुक्त के निरीक्षक राजेन्द्र वर्मा के द्वारा ट्रेप किया गया। आवेदक सुलेमान खान ने निरीक्षक निरीक्षक राजेन्द्र वर्मा को बताया कि आरोपी अब्दुल तनवीर खान के मांगने पर उसने रिश्वत की राशि 25,000/- हाथ में दिये है, जो उसने रिश्वत की राशि 25,000/- सहआरोपी चौकीदार आशीष गरवाल को बुलाकर गिनने एवं रखने के लिए दिए।
निरीक्षक राजेन्द्र वर्मा ने विज्ञप्त पंच साक्षी ब्रजराजसिंह राठौर से कहा कि वे आरोपी अब्दुल तनवीर खान से पूछे कि आवेदक सुलेमान खान से ली रिश्वत राशि कहा रखी है तो मुख्य आरोपी अब्दुल तनवीर खान द्वारा बताया गया कि उसने सुलेमान खान से 25,000/- रूपए अपने हाथों में लेकर अपने चौकीदार आशीष गरवाल को गिनने और रखने के लिए दिए है। इसके बाद विज्ञप्त पंच साक्षी ब्रजराजसिंह राठौर ने सहआरोपी आशीष गरवाल से रिश्वत की राशि के संबंध में पूछताछ की तो सहआरोपी आशीष गरवाल ने बताया कि डिप्टी रेंजर साहब द्वारा दिए गए पैसे उससे गिनने के बाद अपनी पहनी हुई पेंट की दाहीने जेब में रख लिए है।
इन करेंसी नोटो के नंबरों का मिलान किए जाने पर ये नोट वही नोट पाए गए, जो लोकायुक्त कार्यालय में फिनाफ्थीलीन पावडर लगाकर आवेदक सुलेमान पाशा की जेब में रखवाए गए थे। मौके पर आरोपी अब्दुल तनवीर खान एवं सहआरोपी आशीष गरवाल के हाथों को सोडियम कार्बोनेट पाउडर के घोल में धुलवाया गया तो घोल का रंग गुलाबी हो गया। एफ.एस.एल. द्वारा रासायनिक परीक्षण में मुख्य आरोपी अब्दुल तनवीर खान एवं सहआरोपी आशीष गरवाल के हाथ धुलवाने के घोल और सहआरोपी आशीष गरवाल के द्वारा पहनी हुई पेंट के आगे की दाहिने जेब जहां रिश्वत की राशि रखी गई थी के पोछन के घोल में फिनाफ्थलीन का परीक्षण धनात्मक पाया था।
विवेचना में अपराध प्रमाणित पाए जाने पर आरोपीगणों के विरूद्ध अभियोजन स्वीकृति प्राप्त कर विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन द्वारा आरोपीगण के विरुद्ध अभियोग पत्र विशेष न्यायालय रतलाम में दिनांक 14.03.2023 को अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया था। जिसमें विचारण उपरांत विशेष न्यायालय रतलाम द्वारा अब्दुल तनवीर खान, तत्कालीन डिप्टी रेंजर, वन परिक्षेत्र, रतलाम को दोषसिद्ध किया गया तथा सहआरोपी आशीष को गरवाल को दोषमुक्त किया गया।
शासन की ओर से प्रकरण में पैरवी श्री कृष्णकांत चौहान, विशेष लोक अभियोजक (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम), रतलाम के द्वारा की गई है।

Play sound