- विचारक रखेंगे अपना पक्ष
- श्रीमद्भागवत कथा में बहेगी धर्म की गंगा
- श्री चिंतामन गणेश मुख्य यजमान बनकर श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करेंगे

उज्जैन । अत्यंत गंभीर विषय है कि आज देश के भीतर बढ़ रही जातिगत नफरत, सामाजिक खाई और पारिवारिक टूटन आज बड़ी चिंता का विषय बन चुकी है।इन्हीं चुनौतियों को कम करने और समाज में सद्भाव, संवाद और सहयोग की भावना को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से स्वर्णिम भारत मंच के द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रयास करते हुए श्रीमद्भागवत कथा एवं पारिवारिक सद्भाव सम्मेलन के आयोजन करने का बीड़ा उठाया है । श्रीमद् भागवत कथा के मुख्य यजमान श्री चिंतामन गणेश को न्यौता देकर आयोजन को सफल बनाने की प्रार्थना मंच के पदाधिकारियों की ओर से गई ।
स्वर्णिम भारत मंच अध्यक्ष दिनेश श्रीवास्तव ने बताया कि गत वर्ष अनुसार इस वर्ष भी दिनांक 25 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक भोजनशाला स्थित बीमा हॉस्पिटल परिसर गाड़ी अड्डा चौराहा आगर रोड पर दोपहर 2 से 5 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा एवं पारिवारिक सद्भाव सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा । पंडित अर्जुन गौतम के मुखारविंद से सात दिनों तक धर्म की गंगा बहेगी । कथा के मुख्य यजमान श्री चिंतामन गणेश होंगे । विश्राम आरती पश्चात विभिन्न विचारकों द्वारा परिवारिक सद्भाव सम्मेलन को संबोधित किया जाएगा । इस अवसर पर सैकड़ों परिवार एक साथ आत्मीय भोजन भी करेंगे ताकि परिवारिक मधुरता की स्थापना होकर स्वस्थ और संगठित समाज से राष्ट्र मजबूत बने ।
जातिगत नफरतों को कम करने का एक अनूठा प्रयास ….. सैकड़ों परिवार जुटेंगे
स्वर्णिम भारत मंच के बैनर तले एक ऐसा अनूठा आयोजन होगा जिसमें राष्ट्र को सर्वोपरि मानते हुए वर्तमान समय में जातिगत भेदभाव और सामाजिक दूरी को कम करने का संदेश दिया जायेगा, ताकि समाज प्रेम, समझ और सद्भाव के आधार पर जुड़ सके। संयुक्त परिवार की संस्कृति को पुनः मजबूत बनाना, क्योंकि संयुक्त परिवार सिर्फ एक व्यवस्था नहीं, बल्कि सुरक्षा, संस्कार और सामाजिक शक्ति का सबसे बड़ा आधार है।
परिवारों के बीच संवाद को बढ़ावा देना । संवाद टूटने से ही गलत फहमियां बढ़ती है । यह समागम परिवारों को दोबारा जोड़ने का प्रयास है। युवा पीढ़ी को भारतीय परिवार प्रणाली के मूल्य समझाना, ताकि वे संस्कार, कर्तव्य और एकता की परंपरा आगे बढ़ा सकें। समाज में परस्पर सम्मान और सौहार्द का वातावरण तैयार करना सभी धर्म–जाति–वर्ग एक परिवार की तरह रहें — यही समागम का संदेश है।आयोजन के माध्यम से आपसी प्रेम बढ़े रिश्तों में मधुरता आए। समाज में भाईचारा मजबूत हो, परिवार टूटने से बचे। नई पीढ़ी भारतीय मूल्यों से जुड़े यही ‘पारिवारिक सद्भाव समागम’ का वास्तविक भाव रहेगा ।
मुख्य यजमान श्री चिंतामन गणेश को न्यौता देकर आयोजन की सफलता की प्रार्थना की
विघ्न दूर करने वाले सब चिंता से मुक्त रखने वाले भगवान श्री चिंतामन गणेश को स्वर्णिम भारत मंच के पदाधिकारियों द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का न्यौता देकर आयोजन को सफल बनाने की प्रार्थना की गई । इस अवसर पर जितेंद्र बैरागी , चेतन श्रीवास्तव,आशीष अष्ठाना , सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे ।