नाबालिक को सोतले पिता ने घर में बंद कर बलात्कार, मामले में सोतेले पिता को 20 वर्ष की सजा एवं 1000 रूपये अर्थदण्ड

रतलाम। थाना औद्योगिक क्षेत्र रतलाम के अप. क्रं. 356/2021 विशेष प्रकरण क्रमांक 83/2021 में न्यायालय (राकेश कुमार शर्मा) लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012)/षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश (म.प्र.) रतलाम द्वारा निर्णय दिनांक 16.12.2025 को अभियोक्त्री के सोतेले पिता अभियुक्त को धारा 5(एल)/6, 5(एन)/6 पॉक्सो एक्ट में 20 -20 वर्ष का सश्रम कारवास एवं 1000-1000 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित कर आरोपी को जेल भेजा गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो एक्ट) श्रीमती गौतम परमार द्वारा की गई।

घटना का संक्षिप्त विवरण

प्रभारी उपनिदेशक अभियोजन/सहायक निदेशक अभियोजन, श्रीमती आशा शाक्यवार जिला रतलाम ने बताया है कि दिनाक 06.07.2021 को फरियादी अभियौक्त्री ने थाने पर रिपोर्ट की कि मैं कक्षा 8 वी तक पढ़ी लिखी हूँ। मेरी माँ ने सात वर्ष पहले मेरे सोतेले पिता के साथ शादी की है। सोतेले पिता हमारे साथ ही रहते है। जिसकी गंदी नजर हमेशा से मुझ पर रहती है। दिनांक 29/05/2021 को मेरे सोतेले पिता ने मेरी माँ को मारपीट कर घर से भगा दिया था और मुझे मेरी मेरी माँ के साथ नहीं जाने दिया। उसके बाद उसने मेरे साथ रात मे गलत काम किया और मुझे धमकी दी किसी को बताना मत उसके बाद मैंने मेरे सोतेले पिता से कहा की मुझे मेरी नानी के घर छोड दो तो वो मुझे नानी के घर छोड कर आ गया। मेरी माँ वापस रतलाम आ गई थी। दिनांक 08/06/2021 को मेरे सोतेले पिता मुझे वापस रतलाम लेकर आ गये। मेरी माँ रोज की तरह कचरा बिनने चली गई तब मेरे सोतेले पिता ने मेरा मुंह दबाकर मुझे कमरे से उठाकर आगे वाले कमरे में ले गये और मुझे कहा चिल्लाना मत ओर मेरे मुंह पर कपडा बांध दिया और मेरे हाथ दुपट्टे से बांध दिये और मेरे सारे कपडे उतार कर मेरे साथ बलात्कार किया। उसके बाद उसने मुझे धमकी दी कि किसी को बोलना मत मैने डर के कारण यह बात किसी को नही बतायी। दिनांक 13/06/2021 को मेरी माँ रोज की तरह कचरा बिनने के लिये निकल गई और उसने मेरे साथ बलात्कार किया। जिससे मुझे तकलीफ होने लगी तो मैंने मेरी माँ के आने पर सारी घटना बताई। फिर मैं अपनी माँ के साथ थाने पर रिपोर्ट करने आई हूँ रिपोर्ट करती हूं कार्यवाही कि जाये।
रिपोर्ट पर थाना दीनदयाल नर रतलाम के अप.क्र. 356/2021 धारा 376 (2)(एन), 376(2) (च), 3/4, 5एल/5एन पास्को एक्ट एवं धारा 3 (2)(v), 3(1)(i), 3(w) (i) अजा./अजजा. अत्याचार निवारण अधिनियम पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया।
संपूर्ण अनुसंधान के उपरांत अभियुक्त के विरूद्ध 376 (2)(एन), 376(2) (च), 3/4, 5एल/5एन पास्को एक्ट एवं धारा 3 (2)(v), 3(1)(i), 3(1)(w)(i) अजा./अजजा. अत्याचार निवारण अधिनियम अभियोग पत्र तैयार कर माननीय विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट रतलाम के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
विचारण उपरांत माननीय विशेष न्यायालय द्वारा अपने निर्णय दिनांक 16.12.2025 को अभियोजन की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजी, मौखिक साक्ष्य एवं वैज्ञानिक साक्ष्य को प्रमाणित मानते हुए अभियोक्त्री के सोतेले पिता अभियुक्त को 5(एल)/6, 5(एन)/6 पॉक्सो एक्ट में 20 -20 वर्ष का सश्रम कारवास एवं 1000-1000 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
प्रकरण में यह उल्लेनीय है कि विचारण के दौरान विशेष पॉक्सो न्यायालय में अभियोक्त्री उसके घर वालो के दबाव एवं समाज में बदनामी के दबाव के कारण पक्षविरोधी रहीं है परन्तु अभियोक्त्री के द्वारा धारा 164 द.प्र.सं. के कथन में अभियोयजन कहानी का समर्थन किया है। विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट ने अपने निर्णय में अभियोक्त्री के धारा 164 द.प्र.सं. के कथन पर विश्वास करते हुए एवं डीएनए रिपोर्ट पॉजिटीव होने के आधार पर अभियुक्त को दोषसिद्ध किया गया।

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