रतलाम ।विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त उज्जैन के विशेष प्रकरण क्रमांक 01/2024 में माननीय विशेष न्यायाधीश, विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) श्रीमान् संजीव कटारे द्वारा आज दिनांक 26.12.2025 को पारित अपने निर्णय में आरोपी पुरूषोत्तम बुचके, तत्कालीन लेखापाल, कार्यालय सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, रतलाम को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 में दोषसिद्ध पाते हुऐ 04 वर्ष के सश्रम कारावास तथा राशि 2000/- रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित कर आरोपी को जेल भेजा गया ।
प्रभारी उपनिदेशक अभियोजन/सहायक निदेशक अभियोजन, जिला रतलाम श्रीमती आशा शाक्यवार के द्वारा बताया गया कि दिनांक 19.10.2019 को आवेदिका पारूल रानी नेल्सन, स्टॉफ नर्स, बाल चिकित्सालय, रतलाम ने लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन में एक लिखित शिकायत आवेदन पत्र इस आशय का प्रस्तुत किया कि आवेदिका के जीपीएफ खाता से 01 लाख रूपए पार्टफाइनल आहरण करने हेतु आवेदन पत्र सिविल सर्जन कार्यालय रतलाम में प्रस्तुत किया गया था। आरोपी पुरूषोत्त मक बुचके द्वारा आवेदिका से कहा गया कि आपके जीपीएफ खाते से पार्टफाईनल आहरण करने हेतु जितना आहरण होना है उसका 10 प्रतिशत राशि मुझे देना पडेगी, तभी आपका पैसा आहरण हो सकेगा, पैसे की आवश्यकता होने पर आवेदिका ने उस समय इस शर्त के साथ कि पैसा निकलने के बाद रिश्वत की राशि 10 प्रतिशत देने पर अपनी सहमति दे दी। दिनांक 18.10.2019 को आवेदिका के बैंक खाते में पार्टफाईनल की राशि 85,000/- रूपए जमा हो गई थी, पुरूषोत्तम बुचके अकाउटेंट द्वारा आवेदिका से पार्टफाईनल की राशि निकालने के 8,500/- रूपए रिश्वत की मांग की गई। इस पर डीएसपी श्री वेदान्त शर्मा, विपुस्था लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन ने रिश्वत की मांग की जाने की पुष्टि हेतु रिश्वत संबंधी वार्तालाप को गोपनीय रूप से रिकॉर्ड करने के लिए शासकीय डिजिटल वाईस रिकॉर्डर आवेदिका को दिया। आरोपी पुरूषोत्तम बुचके और आवेदिका पारूल रानी नेल्सन के मध्य हुई रिश्वत संबंधी बातचीत की रिकॉर्डिंग आवेदिका पारूल रानी नेल्सन से कराई गई। जिसमें आरोपी से रिश्वत की राशि कुछ कम करने के निवेदन पर पुरूषोत्तम बुचके अकाउटेंट 8,000/- रूपए लेने पर सहमत हो गया और रिश्वत की राशि लेकर आवेदिका को दिनांक 20.10.2019 बुलाया। तत्पश्चात रिश्वत की मांग प्रमाणित पाए जाने पर, विधिवत ट्रैप कार्यवाही दिनांक 20.10.2019 को आरोपी पुरूषोत्तम बुचके को बाल चिकित्सालय, रतलाम के कार्यालय से आवेदिका पारूल रानी नेल्सन से 8,000/- रूपए रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त के डीएसपी वेदान्त शर्मा के द्वारा ट्रेप किया गया। आवेदिका पारूल रानी नेल्सन ने डीएसपी वेदान्त शर्मा को बताया कि पुरूषोत्तम बुचके ने रिश्वत के 8,000/- रूपए लेकर अपनी पहनी हुई शर्ट की बांयी जेब में रख लिए है। डीएसपी वेदान्त शर्मा ने विज्ञप्त पंच श्री कमर अली से कहा कि वे आरोपी पुरूषोत्तम बुचके से रिश्वत की राशि के बारे में पूछे, तो आरोपी पुरूषोत्तम बुचके के द्वारा बताया कि उसने पारूल रानी नेल्सन से 8,000/- रूपए लेकर अपनी पहनी हुई शर्ट की बांयी जेब में रख लिए है। जिस पर विज्ञप्त पंच कमर अली ने आरोपी पुरूषोत्तम बुचके की पहनी हुई शर्ट की बांयी जेब में हाथ डालकर रिश्वत के रूपए निकाले और गिने तो 2,000/- रूपए के 03 नोट तथा 500/- रूपए 4 नोट कुल 8,000/- निकले। इन करेंसी नोटो के नंबरों का मिलान किए जाने पर ये नोट वही नोट पाए गए, जो लोकायुक्त कार्यालय में फिनाफ्थीलीन पावडर लगाकर आवेदिका पारूल रानी नेल्सन के पर्स में रखवाए गए थे। आरोपी पुरूषोत्तम बुचके ने जहां रिश्वत के नोट रखे थे, उसकी पहनी हुई शर्ट की बांयी जेब रूई के फोये से पौछवाकर सोडियम कार्बोनेट के घोल में धुलवाए जाने पर घोल का रंग गुलाबी हो गया था। एफ.एस.एल. द्वारा रासायनिक परीक्षण में आरोपी की पहनी हुई शर्ट के बांयी जेब के उस स्थान के पोछन के घोल में फिनाफ्थलीन का परीक्षण धनात्मक पाया था।
विवेचना में अपराध प्रमाणित पाए जाने पर आरोपी के विरूद्ध अभियोजन स्वीकृति प्राप्त कर विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन द्वारा आरोपी पुरूषोत्तम बुचके के विरुद्ध अभियोग पत्र दिनांक 22.03.2024 को विशेष न्यायालय (भ्र.नि.अधि.) रतलाम में प्रस्तुत किया गया था। जिसमें विचारण उपरांत विशेष न्यायालय रतलाम पुरूषोत्तम बुचके पिता स्व. श्री बसंतराव बुचके, उम्र 55 वर्ष, अकाउण्टेंट, कार्यालय सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, रतलाम निवासी – 27, शिव नगर, नयागांव रोड, रतलाम को दोषसिद्ध किया गया। शासन की ओर से प्रकरण में पैरवी श्री कृष्णकांत चौहान, विशेष लोक अभियोजक (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) के द्वारा की गई है।