350 से अधिक लोगों ने ग्रहण की ‘गुरुप्रसादी’, दीप प्रज्वलन व गुरु जाप के साथ मनायी गई 199वीं जन्म जयंती


रतलाम (बड़बड़)। “नर सेवा ही नारायण सेवा” के संकल्प के साथ अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद द्वारा “कलिकाल कल्पतरू” विश्व पूज्य श्रीमद् विजय राजेन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. की 199वीं जन्म जयंती एवं 119वीं पुण्यतिथि (गुरु सप्तमी) अत्यंत श्रद्धा और सेवा भाव के साथ मनाई गई। इस पावन अवसर पर परिषद द्वारा बड़बड़ स्थित व्यंकटेश जीनिंग कंपाउंड में भव्य ‘गुरुप्रसादी’ (भोजन वितरण) कार्यक्रम आयोजित किया गया।
भक्तिमय शुभारंभ:
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथियों एवं परिषद के पदाधिकारियों द्वारा किया गया। परिषद अध्यक्ष दीपक खेड़ावल, संस्थापक सदस्य सुजानमलजी सोनी, त्रिस्तुतिक संघ के उपाध्यक्ष सतीश जी खेड़ावाला, प्रोफेसर वीके जैन, अभय जी सकलेचा एवं निर्मल जी कटारिया ने दादा गुरुदेव के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया। इसके पश्चात उपस्थित सदस्यों ने सस्वर नवकार मंत्र का गान किया और गुरुदेव के जाप कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रवीण संघवी द्वारा किया गया।
योजना की विस्तृत जानकारी:
आयोजन के मुख्य सूत्रधार अभय सकलेचा ने कार्यक्रम की रूपरेखा और सेवा योजना पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि गुरुदेव का जीवन सदैव परोपकार के प्रति समर्पित रहा। उन्हीं की प्रेरणा से परिषद ने इस विशेष तिथि पर नर सेवा को ही अपनी विनयांजलि माना है। उन्होंने आगामी सेवा प्रकल्पों के बारे में भी प्रकाश डाला।
मानवता की सेवा:
परिषद के अध्यक्ष दीपक खेड़ावल ने बताया कि गुरुदेव के चरणों में सच्ची विनयांजलि दीन-दुखियों की सेवा ही है। इसी भावना के साथ आयोजित इस भंडारे में लगभग 350 से अधिक श्रद्धालुओं और जरूरतमंदों ने उत्साहपूर्वक गुरुप्रसादी ग्रहण की। आयोजन के दौरान परिषद परिवार के सदस्यों ने अपनी सेवाएं दीं और व्यवस्थाओं को सुचारू बनाया।
इस अवसर पर परिषद परिवार के वरिष्ठ सदस्यों सहित बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी बंधु उपस्थित थे। सभी ने गुरुदेव के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा व्यक्त की और परिषद के इस सेवा कार्य की सराहना की। आभार परिषद सचिव श्री सनी पोरवाल द्वारा व्यक्त किया गया।