
रतलाम । रामकथा के सफलतापूर्वक आयोजन में सहभागिता करने पर मुख्य जजमान नगर के वकील कालोनी निवासी शासकीय सेवानिवृत सीमा संजीव प्रभु का समारोहपूर्वक नागरिक अभिनंदन किया गया । सालासर धाम (राजस्थान) में विगत दिनों आयोजित सात दिवसीय रामकथा का पावन आयोजन भक्तिभाव, श्रद्धा एवं आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ था यह दिव्य रामकथा आचार्य महामंडलेश्वर, जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरिजी महाराज के ओजस्वी, सरस एवं हृदयस्पर्शी श्रीमुख से प्रवाहित हुई ।
इस पावन अवसर पर रामकथा की मुख्य यजमान, गुरु-भक्ति में समर्पित, सहज-सरल एवं निरंतर साधना में रत साधिका सीमासंजीव प्रभु का स्थानीय प्रभु प्रेमी संघ शाखा रतलाम एवम् समन्वय परिवार रतलाम द्वारा शॉल एवं श्रीफल भेंट कर भव्य एवं भावपूर्ण अभिनंदन किया गया। यह सम्मान उनकी अटूट श्रद्धा, पावन निष्ठा एवं वर्षों से धार्मिक व आध्यात्मिक अनुष्ठानों में सक्रिय सहभागिता का प्रतीक रहा। प्रारम्भ में प्रभु प्रेमी संघ, शाखा रतलाम के पूर्व अध्यक्ष कैलाश व्यास ने स्वागत संबोधन में कहा कि श्रीमती सीमाजी विगत अनेक वर्षों से प्रत्येक धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सत्संगात्मक आयोजनों में न केवल सहभागी रही हैं, बल्कि सेवा, समर्पण एवं गुरु-भक्ति की अनुपम मिसाल प्रस्तुत करती आई हैं। उनकी सतत साधना एवम् पावन गुरुनिष्ठा प्रेरणादायी है ! इस अवसर पर सरिताहरीश सुरोलिया रंजनाप्रमोद राघव, मनोहर पोरवाल ,रामेश्वर खंडेलवाल, कलावती नारायणलाल शर्मा, संजय सोनी ,माधव काकाणी , शिवराम शर्मा , राजऋषि दूबे ,के. बी. व्यास ,वीरेंद्र जोशी , आप्टेजी ,राधावल्लभ पुरोहित, लल्लनसिंह ठाकुर, अशोक पंडित विजयलक्ष्मीनवीन भट्ट, कल्पना उपाध्याय, जया शर्मा, भूषण व्यास सहित अनेक प्रभु प्रेमी बंधुओं एवं मातृशक्ति ने सीमा संजीव प्रभु का पुष्पहार, शॉल, स्मृति चिन्ह एवं मंगलकामनाओं के साथ आत्मीय स्वागत-अभिनंदन किया । इस आयोजन में मल्हार बख्शी, लता बख्शी, राकेश पोरवाल विशेष रूप से उपस्थित थे । रामकथा के पोथी यजमान संजीव पाठक एवम् गोविन्द राघव का भी सम्मान किया गया । अंत में आरती कर प्रसादी वितरित की गई ।