
अनुलोम-विलोम प्राणायाम योग का एक महत्वपूर्ण प्राणायाम है जो हमारे शरीर और मन को स्वस्थ और शांत बनाने में मदद करता है। यह प्राणायाम हमारे श्वसन तंत्र को मजबूत बनाता है, तनाव और चिंता को कम करता है, और हमारे मस्तिष्क को शांत और केंद्रित बनाता है।
अनुलोम-विलोम प्राणायाम के लाभ
- तनाव और चिंता को कम करता है*: अनुलोम-विलोम प्राणायाम हमारे मस्तिष्क को शांत और केंद्रित बनाता है, जिससे तनाव और चिंता कम होती है।
- श्वसन तंत्र को मजबूत बनाता है*: यह प्राणायाम हमारे श्वसन तंत्र को मजबूत बनाता है, जिससे हमारे फेफड़े अधिक ऑक्सीजन ले सकते हैं।
- रक्तचाप को नियंत्रित करता है*: अनुलोम-विलोम प्राणायाम हमारे रक्तचाप को नियंत्रित करता है, जिससे हृदय बीमारी का खतरा कम होता है।
- मस्तिष्क को शांत और केंद्रित बनाता है*: यह प्राणायाम हमारे मस्तिष्क को शांत और केंद्रित बनाता है, जिससे हमारी एकाग्रता और ध्यान बढ़ता है।
- सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है*: अनुलोम-विलोम प्राणायाम हमारे शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है, जिससे हमारा मन और शरीर स्वस्थ और शक्तिशाली बनता है।
अनुलोम-विलोम प्राणायाम कैसे करें*
- पद्मासन या सुखासन में बैठें: पद्मासन या सुखासन में बैठें और अपनी आंखें बंद करें।
- दाहिने हाथ को उठाएं: अपने दाहिने हाथ को उठाएं और अपने दाहिने नथुने को बंद करें।
- बाएं नथुने से श्वास लें: अपने बाएं नथुने से श्वास लें और अपने फेफड़ों को भरें।
- दाहिने नथुने से श्वास छोड़ें: अपने दाहिने नथुने से श्वास छोड़ें और अपने फेफड़ों को खाली करें।
- बाएं नथुने को बंद करें: अपने बाएं नथुने को बंद करें और अपने दाहिने नथुने से श्वास लें।
- दाहिने नथुने से श्वास छोड़ें: अपने बाएं नथुने से श्वास छोड़ें और अपने फेफड़ों को खाली करें।
- इस प्रक्रिया को दोहराएं: इस प्रक्रिया को 5-10 मिनट तक दोहराएं।
निष्कर्ष
अनुलोम-विलोम प्राणायाम योग का एक महत्वपूर्ण अंग है जो हमारे शरीर और मन को स्वस्थ और शांत बनाने में मदद करता है। यह प्राणायाम हमारे श्वसन तंत्र को मजबूत बनाता है, तनाव और चिंता को कम करता है, और हमारे मस्तिष्क को शांत और केंद्रित बनाता है। इसलिए, हमें अनुलोम-विलोम प्राणायाम को अपने दैनिक जीवन में शामिल करना चाहिए और इसके लाभों का आनंद लेना चाहिए।
योग एक्सपर्ट
नित्येंद्र एम आचार्य
पतंजलि योग समिति
रतलाम