

रतलाम। युवा शिविर आत्मविश्वास बढ़ाने, संचार कौशल सुधारने एवं भावनात्मक बुद्धिमत्ता विकसित करने में सहायक होते हैं जो हमारे जीवन में समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह बात सेज यूनिवर्सिटी इंदौर की सहायक प्राध्यापक स्निग्धा राठौर ने श्री अरविंद सोसायटी पांडिचेरी द्वारा 4 से 12 जनवरी तक आयोजित युवा शिविर “द इनर कॉल” में भाग लेकर बताया। शिविर में देश के 30 से अधिक युवाओं ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि वहां समग्र शिक्षा के अंतर्गत नैतिकता, अनुशासन, टीमवर्क, लक्ष्य निर्धारण जैसे गुनो को विकसित करने का अवसर मिला।
श्री मातृ विद्या मंदिर रतलाम के शिक्षक सत्यांश ओझा ने बताया कि शिविर के माध्यम से ओरोविल स्थित मातृ मंदिर, जो भारत का सबसे बड़ा आध्यात्मिक केंद्र है, देखने का अवसर मिला जहां बिना किसी धर्म ,जाति या राष्ट्रीयता के जीवन जीने का अनूठा प्रयोग चल रहा है जिसकी स्थापना माताजी ने 1968 में की थी जो मानव सेवा और योगदान के द्वारा चलता है जहां मानवीय एकता और सतत विकास के लिए सभी एक साथ प्रयोग कर रहे हैं ।
करनजीत सिंह ने बताया कि शिविर में आध्यात्मिक शिक्षा के साथ-साथ ध्यान, रोमांचकारी गतिविधियां ,योग, कला सहित अनेक विधाओं को नई दृष्टि से सीखने का अवसर मिला, जो हमारी प्रगति के लिए सहायक है। शिविर में सामूहिक गतिविधियों में व्यक्तिगत और सामाजिक कौशल को पहचानने की मदद मिलती है ।शिविर में उद्देश्य पूर्ण संतुलित और सार्थक जीवन में शिक्षा के योगदान का भी महत्व पता चला। शिविर का निर्देशन श्री अरविंद सोसाइटी के वरिष्ठ साधक, कैवल्य स्मार्त ,प्रीति एवं शिव कुमार ने किया।