दिव्यांग बच्चों ने भरी हौंसले की उड़ान, मनाया आनंद उत्सव

रतलाम । जीवंत सामुदायिक जीवन नागरिकों की जिंदगी में आनंद का संचार करता है । मध्य प्रदेश शासन के आनंद विभाग द्वारा प्रतिवर्ष आनंद उत्सव मनाया जाता है। इसमें स्थानीय परंपरागत खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। जिला समन्वयक सीमा अग्निहोत्री ने बताया कि दिव्यांगों एवं बुजुर्गों की आनंद उत्सव के कार्यक्रम में विशेष भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उनके अनुकूल गतिविधियों का आयोजन भी किया जाता है।
जन चेतना बधिर एवं मंदबुद्धि विद्यालय में आयोजित आनंद उत्सव में होनहार बच्चों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा का परिचय दिया। कार्यक्रम में दिव्यांगों हेतु रस्सा खींच ,चेयर रेस,कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बैलून रेस में विभिन्न प्रकार की चुनौतियों से जूझ रहे बच्चों ने अपने हुनर का अद्भुत प्रदर्शन किया। अपनी इच्छाशक्ति से एक पैर से दौड़ कर दीक्षिका ने चेयर रेस में प्रथम स्थान प्राप्त कर साबित किया कि शारीरिक सीमाएं सपनों को नहीं रोक सकतीं। यह कार्यक्रम न केवल बच्चों के लिए उत्साहवर्धक रहा बल्कि समाज के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश भी लेकर आया। प्रतियोगताओं के सफल आयोजन में सतीश तिवारी एवं स्टॉफ का सहयोग रहा,जिन्होंने सांकेतिक भाषा में विद्यार्थियों को निर्देश दिए। विद्यार्थियों का उत्साह ऐसा था कि जब तक बाहर चेयर रेस हो रही थी तब तक बालकों ने अपने लिए कबड्डी का मैदान तैयार कर लिया। विशिष्ट प्रतिभावान बच्चों ने संपूर्ण वातावरण आनंदम कर दिया।
चेयर रेस में प्रथम दीक्षिका गोस्वामी, द्वितीय ज्योति बंजारा, तृतीय दिव्या कसेरा एवं बलून रेस में प्रथम चित्रांशु डोडिया, द्वितीय पदम पांचाल, तृतीय महोमद ज़ैद विजेता रहे।