तेरापंथ युवक परिषद रतलाम द्वारा स्वर्गीय शान्तिदेवी कटारिया का मरणोपरांत हुआ नेत्रदान

रतलाम । अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद की शाखा तेरापंथ युवक परिषद, रतलाम के सहयोग से श्रीमती शांतिदेवी कटारिया का मरणोपरांत उनके पुत्र प्रदीप जी कटारिया और विजयराज जी कटारिया की सहमति से डॉ लक्ष्मी नारायण पांडे शासकीय मेडिकल कॉलेज EYE BANK के माध्यम से हुआ नेत्रदान।
तेरापंथ युवक परिषद, रतलाम के अध्यक्ष मयूर गांधी ने स्व. शांतिदेवी कटारिया, रतलाम के प्रति विनम्र श्रद्धांजलि समर्पित करते हुए परिवारजन के प्रति संवेदना के भाव व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि पारिवारिक जनों ने नेत्रदान जैसे नेक कार्य में सहयोग प्रदान कर मानवीय सेवा का महनीय कार्य किया है।
परिजनों द्वारा स्वीकृति देने पर तेरापंथ युवक परिषद द्वारा डॉ. लक्ष्मीनारायण पाण्डे मेडिकल कालेज डीन डॉ. अनीता मुथा को सूचित किया गया। जिनके निर्देश पर नेत्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. रिशेन्द्र सिसोदिया के नेतृत्व में नर्सिंग ऑफिसर, विनोद कुशवाह, राकेश बागरी आई बैंक टीम द्वारा मृतात्मा का कार्निया लिया गया। परिषद कि ओर से पियूष दख, पुनीत भंडारी, सिद्धार्थ गाँधी आदि उपस्थित थे।
अभातेयुप के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन मांडोत ने बताया कि अभातेयुप द्वारा नेत्रदान के क्षेत्र में पूरे भारत और नेपाल में अपनी 360+ शाखा परिषदों के सहयोग से अब तक 2500 से भी ज्यादा लोगों का मृत्युपरांत नेत्रदान करवाया जा चुका है। विदित हो एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो अंधकारमय जीवन रोशन होते हैं।
अभातेयुप के राष्ट्रीय महामंत्री सौरभ पटावरी ने इस अभियान में शाखा परिषद् की जागरूकता व नेत्रदाता के परिवारजन की उत्कृष्ट भावना के प्रति साधुवाद प्रकट किया और लोगों को अभातेयुप के इस अभियान में सहयोग का आह्वान किया।
तेरापंथ युवक परिषद रतलाम परिषद रतलाम ने नेत्रदान से जुड़ी कई भ्रांतियां का समाधान करते हुए बताया कि नेत्रदान में व्यक्ति की आंखें नहीं बल्कि उसके अन्दर की हल्की सी परत निकाली जाती है, जो किसी भी प्रकार से शारिरिक ढांचे को प्रभावित नही करती है। मरणोपरांत परिवारजनों की सहमति से नेत्रदान किसी भी उम्र के व्यक्ति का हो सकता है। मृत्युपरांत छह घंटे के भीतर आई बैंक की मदद से यह कार्य संपादित करवाना होता है। नेत्रदान हेतु अंकित निमजा 9300755091 व विपिन वोहरा 8989896565 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है