उपकारी हमारे लिए परमात्मा के समान है- राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश

आबू पर्वत (श्री वर्धमान महावीर केंद्र)। अनंत उपकारी के प्रति जिसके मन में वफादारी नहीं होती उस नमक हराम का विश्व के किसी धर्म में प्रवेश नहीं । उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने स्वाधीनता दंडी मार्च 75 समारोह को संबोधित करते कहा कि उपकारी हमारे लिए परमात्मा के समान है ।
उन्होंने कहा कि इसी मिट्टी से मंदिर मस्जिद बने हैं ऐसी पर खड़े होकर साधना की जाती है परमात्मा से बढ़कर है । मुनि कमलेश ने कहा कि पशु भी जिसका अन्न खाता है उसकी रक्षा के लिए प्राण तक न्योछावर कर देता है इंसान को उनसे सबक लेना चाहिए
राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि जाति पंथ और प्रांत के नाम पर लडऩे वाले भ्रष्टाचार मिलावटी रिश्वतखोरी हिंसा और आतंकवाद में लिप्त धर्म द्रोही और देशद्रोही से कम नहीं हैं।
जैन संत ने बताया कि धर्म से बढ़कर राष्ट्र है वही धर्म महान जो राष्ट्र रक्षा की प्रेरणा प्रदान करें जैन दिवाकर विचार मंच दिल्ली के वरिष्ठ कार्यकर्ता पत्रकार समारोह की अध्यक्षता की सरपंच जगन्नाथ जी एवं दिवाकर मंच महिला शाखा की सक्रिय कार्यकर्ता विमला भंडारी कोलकाता सभी को राष्ट्रीय एकता और अखंडता की शपथ दिलाई।
देश के जांबाज जवानों का हौसला अफजाई करते हुए सबको मंगल बधाई में आशीर्वाद दिया ।

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