जिला अभियोजन संचालनालय रतलाम द्वारा एक दिवसीय संभाग स्तरीय कार्यशाला आयोजित

वन अपराधों को रोकने एवं अपराधियों को सजा दिलाने में अभियोजन अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका- संचालक लोक अभियोजन

रतलाम 09 फरवरी । जिला अभियोजन संचालनालय रतलाम द्वारा लोक अभियोजन संचालनालय म.प्र. भोपाल के मार्गदर्शन में वन अधिनियमो पर एक दिवसीय संभागीय कार्यशाला आयोजित की गई जिसमें मुख्य अतिथि संचालक लोक अभियोजन श्री बी.एल. प्रजापति, विशेष न्यायाधीश महोदय रतलाम श्री आशीष श्रीवास्तव, अपर सत्र न्यायाधीश महोदय रतलाम श्री निर्मल मण्डोलिया, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी रतलाम श्री जितेन्द्र रावत, तथा जिला वनमंडला अधिकारी श्रीमती अनुभा त्रिवेदी तथा सेवानिवृत्त उप संचालक अभियोजन श्री कैलाश व्यास उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रवज्जलन के साथ हुआ । प्रारम्भ में अतिथियों का स्वागत सहायक निदेशक अभियोजन श्रीमती आशा शाक्यवार द्वारा किया गया।
संभाग स्तरीय कार्यशाला में उपस्थित विशिष्ट अतिथि संचालक श्री बी.एल. प्रजापति ने अपने उदबोधन में वन अपराधों को रोकने एवं अपराधियों को सजा दिलाने में अभियोजन अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में प्रथम व्याख्यान विशेष न्यायाधीश रतलाम श्री आशीष श्रीवास्तव जी का रहा । आपने उदबोधन में वन प्राणी संरक्षण अधिनियम पर अनुसंधान एवं विचारण विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए अभियोजन अधिकारियों को अभियोजन कार्य के साथ साथ समाज के नागरिक के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के संबंध में बताया, कार्यशाला में जिला वनमंडला अधिकारी श्रीमती अनुभा त्रिवेदी एवं श्रीमती सुधा विजय सिंह भदौरिया एडीपीओ भोपाल द्वारा भी वन विधि की बारीकियों के संबंध में अभियोजन अधिकारियों को जानकारी प्रदान की। कार्यालय जिला अभियोजन संचालनालय उज्जैन के एडीपीओ श्री नितेश कृष्णन ने व्याख्यान विषय एनडीपीएस एक्ट में हृष्ठक्कस् ्रष्टञ्ज के विधिक प्रावधानों, इस अधिनियम से संबंधित प्रकरणों में आने वाली समस्याओं एवं उसके समाधान के बारे में अभियोजन अधिकारियों एवं जिला रतलाम के पुलिस अनुसंधान अधिकारियों को बताया गया।
संभागीय कार्यशाला मे सेवानिवृत्त उप संचालक अभियोजन श्री कैलाश व्यास के द्वारा व्यक्तिव विकास पर अपना उदबोधन देते हुए अभियोजन कार्य में आने वाली समस्याओं से उत्पन्न होने वाले तनाव को दूर करने के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई तथा नवीन अभियोजन अधिकारियों को अभियोजन कार्य किस कुशलता से किया जाना चाहिए इस संबंध में भी बताया गया।
अंत में उज्जैन संभाग अभियोजन अधिकारियों को सहायक निदेशक अभियोजन श्रीमती आशा शाक्यवार द्वारा उनकी कार्यशाला में सहभागिता के संबंध में प्रमाण पत्र वितरित किये गये तथा अतिथि गण एवं व्याख्ताओं को स्मृति चिन्ह प्रदान करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने के संबंध में आभार व्यक्त किया गया। कार्यशाला में उज्जैन संभाग के जिलों रतलाम, नीमच, शाजापुर, उज्जैन, मंदसौर एवं आगर मालवा से एडीपीओ उपस्थित रहे। जिला रतलाम से सहायक निदेशक अभियोजन श्रीमती आशा शाक्यवार, अति. डीपीओ विजय कुमार पारस, एडीपीओ योगेश कुमार तिवारी, एडीपीओ कृष्णकांत चौहान, शिव मनावरे, राजेन्द्र मण्डोड, संजय वसुनिया, श्रीमती गौतम परमार आदि समस्त एडीपीओ जिला रतलाम तथा एएसआई रामचंद्र बैरागी, एपीसीडी अजय पंजाबी, विकास जेठवानी, सुमित घाटिया, विशाल बैरागी, राकेश नरगावें, आशुतोष बैरागी, कुंदन सिंह सेंगर मीडिया सेल प्रभारी आदि उपस्थित रहे।

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