- “यह नामकरण जैन संस्कृति और आस्था का सम्मान है, आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा” — हार्दिक हुंडिया
- “ऐसे कार्य समाज की एकता और संगठन शक्ति का जीवंत उदाहरण हैं, यह पूरे जैन समाज के लिए गर्व का क्षण है” — राजकुमार हरण
जावरा (अभय सुराणा)। मुंबई के कांदिवली स्थित समता नगर में जैन समाज के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण एवं ऐतिहासिक क्षण उस समय साकार हुआ, जब दादा श्री कुंथूनाथ दादा के पावन मंदिर के समक्ष स्थित मार्ग का आधिकारिक नामकरण ‘जैन देरासर मार्ग’ किया गया। यह नामकरण केवल एक सड़क का नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि जैन धर्म की आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक पहचान को सार्वजनिक सम्मान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
इस शुभ अवसर पर नगर सेविका निशा परूलेकर बंगेरा के करकमलों द्वारा मार्ग नाम पट्टिका का विधिवत उद्घाटन किया गया। पट्टिका के अनावरण के साथ ही उपस्थित समाजजनों ने तालियों और जयघोष के साथ वातावरण को उत्सवमय बना दिया।
कार्यक्रम में आईजा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं समता नगर जैन संघ के अध्यक्ष हार्दिक हुंडिया, श्रीमती सुनीता हुंडिया, मुख्य अतिथि पिनाकिन शाह, संघ के ट्रस्टी तरुण रामानी, भानु गांधी, निर्मल जगावत सहित संघ के पदाधिकारी, ट्रस्टीगण एवं बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को समाज की एकता, सहयोग और सामूहिक प्रयासों का प्रेरणादायी परिणाम बताया।
अपने संबोधन में हार्दिक हुंडिया ने कहा कि यह मार्ग आने वाली पीढ़ियों को जैन धर्म की समृद्ध परंपराओं से जोड़ने का माध्यम बनेगा तथा समाज की पहचान को और सुदृढ़ करेगा। उपस्थितजनों ने इसे समता नगर के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताते हुए भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर ऑल इंडिया जैन जनरल लिस्ट एसोसिएशन, मध्य प्रदेश के समस्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने हर्ष व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुंडिया को हार्दिक बधाइयाँ प्रेषित की हैं। संस्था के वर्तमान मध्य प्रदेश संरक्षक एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार हरण ने इसे समाज की एकजुटता और सशक्त नेतृत्व का परिणाम बताया। वहीं राष्ट्रीय सलाहकार प्रदीप जैन ने भी शुभकामनाएँ प्रेषित कर इस पहल को पूरे देश के जैन समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।