“मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी द्वारा रतलाम में शायरी का”सिलसिला एवं तलाशे जौहर” का आयोजन”सफल हुआ

रतलाम।  मध्य प्रदेश उर्दू अकादमी, संस्कृति परिषद, संस्कृति विभाग के तत्त्वावधान में ज़िला अदब गोशा रतलाम के द्वारा सिलसिला एवं तलाशे जौहर के तहत  व्याख्यान एवं रचनापाठ का आयोजन बुधवार, 8 फ़रवरी 2026 को दोपहर 2:00 बजे से गुलाब चक्कर गार्डन हॉल, रतलाम में   सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। रतलाम ज़िले के समन्वयक शायर अब्दुल सलाम खोकर ने बताया कि सिलसिला एवं तलाशे जौहर दो सत्रों पर आधारित था। प्रथम सत्र में दोपहर 2:00 बजे तलाशे जौहर प्रतियोगिता  जिसमें ज़िले के नये रचनाकारों ने तात्कालिक ग़ज़ल लेखन प्रतियोगिता में भाग लिया। तलाशे जौहर ग़ज़ल लेखन प्रतियोगिता में प्रथम तौफ़ीक़ छीपा, द्वितीय शरीफ़ खोकर और तृतीय रहे शाद गुलशनाबादी।
दूसरे सत्र में शाम 4:00 बजे सिलसिला के तहत व्याख्यान एवं रचना पाठ का आयोजन हुआ।  इस रचना पाठ में शायरों एवं साहित्यकारों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की,उनमें विशिष्ट शायरों के रूप में खण्डवा के वरिष्ठ शायर हारून फ़िराक़ थे –

“दिल में तुम्हारे थोड़ी कसक छोड़ जाएँगे,
जोकुछ लिखा है,उसकी चमक छोड़ जाएँगे।
ख़ुशबू महकती जाए चमन में सदा सदा,
हर सम्त फूल जैसी महक छोड़ जाएँगे।।”(खोकर रतलामी)

बीवी बच्चों का तकाज़ा भी ज़रूरी है मगर ।
बूढ़े मां-बाप को तन्हा नहीं छोड़ा करते (हारून फ़िराक़ खंडवा) ।  साथ ही रतलाम के वरिष्ठ शायर फ़ैज़ रतलामी, शब्बीर राही, शबाब गुलशनाबादी, अमीरुद्दीन अमीर, लक्ष्मण पाठक, आशीष दशोत्तर, प्रिया उपाध्याय, डॉ फ़रीद शेख़, वसीम ख़ान, धनंजय तबकड़े, चंचल चौहान, शादाब खान, जहाँगीर नियाज़ी, यूसुफ़ सहर, ग़ुलाम मोईन, मेडी क्रिस्टी,अकरम शीरानी, विशाल वर्मा के नाम शामिल हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता की वरिष्ठ शायर शबाब गुलशनाबादी ने,मुख्य अतिथि हारून फ़िराक़ खंडवा के शायर और विशिष्ट अतिथि फैज़ रतलामी, शब्बीर राही, मेडी क्रिस्टी,एवं भूपेंद्र व्यास रहे। संचालन सिद्दीक रतलामी तथा आभार खोकर रतलामी कॉर्डिनेटर ने व्यक्त किया।उर्दू अकादमी की निर्देशक डॉ. नुसरत मेहदी ने भी रतलाम के सभी साहित्य एवं कला प्रेमियों का कार्यक्रम में उपस्थित होने और सफल बनाने हेतु आभार व्यक्त किया है।  

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