- दूल्हा दुल्हन ने खुशी-खुशी आठवां वचन भी स्वीकार किया तथा उसके पालन की बात दोहराई
- दूल्हा दुल्हन विदेश अमेरिका में भी रहकर सत्य सनातन भारतीय परंपरा व धर्म का पालन करने का लिया वचन


रतलाम। विदेश में रहकर भारतीय सनातन परंपरा के पालन करने का अनूठा उदाहरण शादी के दौरान देखने को मिला वैसे तो विवाह के शुभ प्रसंग के अवसर पर सामान्य तौर पर जब दूल्हा दुल्हन मंडप में फेरे लेते हैं तथा उसके पश्चात फेरे करवा रहे पंडित द्वारा दूल्हा दुल्हन को 7 वचन स्वीकार करवाए जाते हैं।
बरबड़ रोड स्थित जोधा बाग में शास्त्री नगर निवासी विजय धनोतिया के सुपुत्र शुभम धनोतिया का विवाह उज्जैन निवासी हर्षिता डबकरा से हुआ पेशे से सॉफ्ट वेयर इंजीनियर शुभम पिछले 7 सालों से अमेरिका में रहकर अमेजॉन कंपनी में नौकरी कर रहे है शुभम व हर्षिता के विवाह के 7 फेरो की रस्म पंडित तरुण द्विवेदी ने संपन्न करवाई। साथ दूल्हा-दुल्हन को सात वचन स्वीकार करने के पश्चात पंडित तरुण अनूठा प्रयोग किया तथा दूल्हा दुल्हन से आठवां वचन स्वीकार करवाया। उन्होंने दूल्हा दुल्हन से स्वीकार करवाया कि दूल्हा दुल्हन विदेश अमेरिका में भी रहकर सत्य सनातन भारतीय परंपरा व धर्म का पालन करेंगे विदेश में रहकर अपनी मातृभूमि से प्रेम रखते हुए उसका सम्मान बनाए रखने का हर संभव प्रयास करेंगे, दूल्हा दुल्हन ने खुशी-खुशी आठवां वचन भी स्वीकार किया तथा उसके पालन की बात दोहराई।
इस दौरान नवविवाहित शुभम व हर्षिता को कन्यादान में वंदना पोरवाल, कोपल पोरवाल झा,चेतना व्यास, रेणु अरोरा, नीलिमा उपाध्याय ,वैशाली बोरगांवकर व राकेश पोरवाल ने पौधा भेंट किया तथा पर्यावरण के प्रति शपथ दिलवाई कि वे प्रतिवर्ष कम से कम पांच पौधे रोपेगे तथा उनकी देखभाल करेंगे साथ ही साथ कहीं भी वृक्ष नहीं कटने देंगे व पेड़ पौधों की आजीवन सुरक्षा करेंगे। धनोतिया परिवार के इस प्रसंग की शहर में चर्चा है तथा नागरिकों में अच्छा संदेश गया है।
इस दौरान राजेश मोदी, गोपाल कृष्ण सोढाणी, अजय उपाध्याय, प्रमोद व्यास, प्रमोद रुनवाल, नितिन बोरगांवकर, आशीष अवस्थी, राजेश अरोड़ा, अतुल मित्तल, हरीश करनानी, डॉ नरेंद्र कुमार गुप्ता, नरेंद्र शर्मा, सुनील पोरवाल सहित नागरिक मौजूद थे।