
तिरुतनी मुरकम शक्ति पब्लिक स्कूल 12 फरवरी। जिस मानव ने अपने जीवन का लक्ष्य उद्देश्य नहीं बनाया, लक्ष्य विहीन जीवन जी रहा है, उसके जीवन में और पशु के जीवन में कोई अंतर नहीं होता है। उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने संबोधित करते कहा कि खाना पीना सोना परिवार का पालन करना इतना काम तो पशु भी करते हैं ऐसा करना सोने की थाली में गोबर भरने के समान है l
उन्होंने कहा कि स्वार्थ लोभ और मोह के पोषण में ही जिंदगी पूरी कर देना, इस दलदल में आत्मा का पतन है कर्मों का बंधन है धन और वैभव की बर्बादी है l मुनि कमलेश ने बताया कि व्यक्ति के जीवन का उद्देश्य जितना महान होगा उतना हीं व्यक्ति दुनिया में महान बनेगा मरकर भी अमर हो जाएगा l निस्वार्थ होगा परमार्थ के लिए होगा l
राष्ट्र संत ने कहा कि 84 लाख योनि के बाद देवों से भी दुर्लभ मानव जन्म मिला है तीन लोक की संपत्ति देकर भी एक आयुष पल खरीद नहीं जा सकता उसका सदुपयोग करने वाला ही सच्चा ज्ञानी l जैन संत ने कहा कि मानव जीवन में आराधना साधना करके कर्म की जंजीरों को तोड़कर जन्म और मनुष्य मुक्ति पा सकता है जिसका लक्ष्य यह बनता है उसी का जीवन सार्थक है l
अंत में कहा की अपमान बुराई और बदनामी को हंसते हुए स्वीकार करके साधना और जन कल्याण के कार्यों से पीछे नहीं हटता है lवह महापुरुष दुनिया में अनंत काल तक आने वाली पीढ़ी का मार्गदर्शन करता है उसे जनता प्रेरणा मिलती है विद्यालय मैनेजर l बालाजी एवं पूरे स्टाफ ने राष्ट्र संत का अभिनंदन किया । 13 शे 15 फरवरी को राष्ट्र संत कमल मुनि जी का जन्मदिन जयमल जैन पार्श्व गौशाला तीर तनी में मनाया जाएगा।