शीतल तीर्थ का शाश्वत आयोजन बना अमृत महोत्सव



रतलाम 20 फरवरी । आचार्य योगेंद्र सागर जी का अवतरण दिवस सैलाना रोड स्थित शीतल तीर्थ धामनोद पर मनाया गया । गुरुदेव आज प्रत्यक्ष हमारे बीच नहीं है गुरुभक्तों की श्रद्धा में आज भी गुरुदेव बसे हुए है और यही कारण है कि प्रत्येक वर्ष गुरुदेव के अवतरण दिवस पर बिना किसी निमंत्रण के गुरुभक्तों का समूह शीतल तीर्थ पर एकत्रित होता है। सही मायने में तो यह अमृत महोत्सव योगी परिवार का शाश्वत पर्व बन गया है। धामनोद के शीतल तीर्थ में आयोजित विनयांजलि सभा के अवसर पर क्षेत्र अधिष्ठात्री डॉ सविता जैन दीदी ने सभी आगंतुकों का अभिवादन करते हुए उक्त बात कही । विख्यात गणितज्ञ जैन मनीषी डॉ अनुपम जैन इंदौर ने बताया कि पूज्य समाधिस्थ आचार्य चतुर्थ पट्टाधीश योगीन्द्र सागर जी गुरुदेव की प्रेरणा से रतलाम के धामनोद में सन 2009 में शीतल तीर्थ की नींव रखी गई । तभी से गुरुभक्तो का जुड़ाव इस क्षेत्र से हो गया आज यहां त्यागी वृत्तियों एवं वृद्धों की सेवा के साथ लगभग 300 की संख्या में गोवंश की सार संभाल की जाती है ।आज भी इस क्षेत्र पर अतिशय होते हैं। डॉ भरत जैन ने भी गुरुदेव के निर्भीक व्यक्तित्व के संस्मरण बताए। प्रतिवर्ष 17 फरवरी को गुरुदेव का अवतरण दिवस बड़े उल्लास के साथ मनाया जाता है । इस वर्ष आयोजित कार्यक्रम में क्षुल्लिका 105 श्री चंद्रमति माताजी धार एवं स्वस्ति भट्टारक श्री अरिहंत कीर्ति जी का भी मंगल सानिध्य प्राप्त हुआ। तीर्थ प्रवक्ता राकेश पोरवाल ने बताया कि प्रातः काल श्री क्षेत्र पर कोटा के आदिश महिला दिव्य घोष द्वारा भट्टारक स्वामी जी की मंगल आगवानी की गई । गुरु मंदिर में अतिशय कारी चैत्यालय का भव्य पंचामृत अभिषेक एवं गुरु प्रतिमा पर जल एवं दुग्ध से अभिषेक हुआ जिसके बाद श्री ऋषि मंडल विधान आयोजित हुआ ।
दोपहर में विनयांजलि सभा में मुख्य अतिथि रतलाम भाजपा अध्यक्ष श्री प्रदीप उपाध्याय ने कहा कि आचार्य श्री योगीन्द्रसागर जी महाराज सिर्फ जैन समाज ही नहीं अपितु सर्वधर्म के अनुयायियों में लोकप्रिय संत थे। । नेशनल नॉन वायलेंस यूनिटी फाउण्डेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री महेन्द्र जी गुड़ वाले (कोटा) द्वारा सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर भक्तों द्वारा तीर्थ अधिष्ठात्री डॉ सविता जैन दीदी का सम्मान पत्र भेट कर सम्मान किया गया। भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय डॉ अनुपम जैन का तीर्थ की ओर से सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन राकेश जैन चपलमन ने किया।
1 मार्च को पुनः होगा महोत्सव
क्षेत्र प्रवक्ता राकेश पोरवाल ‘ ने बताया कि 28 फरवरी को श्री क्षेत्र पर श्रुत संवेगी मुनि आदित्य सागर जी मुनिराज ससंघ का मंगल पर प्रवेश होगा एवं 1 मार्च को शीतल तीर्थ पंचकल्याणक का द्वितीय वार्षिकोत्सव एवं कैलाश पर्वत पर विराजित 18 फुट पद्मासन श्री आदिनाथ भगवान का महामस्तकाभिषेक होगा । इस हेतु सम्पूर्ण भारत से आने वाले गुरु भक्तों हेतु कलश आवंटन की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है ।