



झुमरीतिलैया। श्री दिगम्बर जैन समाज के सानिध्य में श्री दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में विराजित अयोध्या में जन्में अष्ठापद बद्रीनाथ वाले जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर देवाधिदेव 1008 श्री आदिनाथ भगवान और गिरनार गुजरात में पाँचों कल्याणक प्राप्त करने वाले जैन धर्म के 22 वे तीर्थंकर नेमीनाथ भगवान की पाषाण की प्रतिमा 91 साल पूर्ण होने पर भव्य महामस्तिकाभिषेक किया गया।
सर्व प्रथम प्रातः 7 बजे अन्य आदिनाथ वेदी से सभी प्रतिमा को बाहर पांडुक शिला पर विराजमान कर साथ मे अभिषेक किया गया जिसमे समाज के भारी संख्या में पुरुष शामिल हुवे इस महमस्तिकाभिषेक मे रजत कलशों से अभिषेक किया गया अभिषेक के पश्चात विश्व शांति मंत्रो द्वारा श्री जी के मस्तक पर शांतिधारा किया गया साथ ही भक्तामर के 48 मंत्रो के द्वारा एक एक दीपक श्री जी के चरणों मे चढ़ाया गया।इसके बाद समाज के लोगो द्वारा अष्ठ द्रब्य से पूजन किया गया पूजन पश्चात महिलाओं द्वारा भक्ति नृत्य करते हुवे श्री फल श्री चरणों मे चढ़ाया ओर प्रभु की आरती किया इस सभी कार्यक्रम में समाज के कोषाध्यक्ष सुरेंद्र जैन काला, शांति लाल जैन छाबड़ा,जय कुमार जैन गंगवाल,ललित जैन सेठी,सुशील जैन पांड्या, विनोद जैन अजमेरा,अभिषेक जैन गंगवाल,शैलेश जैन छाबड़ा,अजय जैन सेठी,ईशान जैन कासलीवाल, राज कुमार जैन अजमेरा,मोनी जैन सेठी,अमित जैन गंगवाल,पिंटू जैन सेठी,आनंद जैन पांड्या, संजय जैन गंगवाल,महिला संगठन की नीलम जैन सेठी,आशा जैन गंगवाल,सरिता जैन काला, आदि सेकड़ो की संख्या में पुरुष और महिला उपस्थित थे। कोडरमा मीडिया प्रभारी राज कुमार जैन अजमेरा,नविन जैन ने उक्त जानकारी दी।