महिला सशक्त होगी तो राष्ट्र सशक्त होगा : वीणा छाजेड़

रतलाम । महिला सशक्त होगी तो राष्ट्र सशक्त होगा । क्योंकि महिला ही समाज की केन्द्रीय धुरी है । समाज परिवर्तन होने से नारी अब अबला नहीं होकर सबला है । नारी में एक प्रमुख गुण है वह समय प्रबंधन में कुशल है । यदि समाज की सकारात्मक सोच होगी तो हर कार्य सफल होता है । आज की युवा पीढ़ी को अच्छे संस्कार की आवश्यकता है । क्योंकि संयुक्त परिवार के परिवेश को सहेजने की जरूरत है । संयुक्त परिवार की परंपरा में परिवार के सदस्य के दु:ख दर्द सभी परस्पर मिलकर दूर कर लेते है । यह बात कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के रूप में विदुषी वक्ता व समाजसेवी श्रीमती वीणा छाजेड़ ने साहित्यिक संस्था ”अनुभूति” द्वारा स्वर्ण जयंती वर्ष के अन्तर्गत अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला साहित्यकारों, लेखिकाओं के साहित्योत्सव गुलाब चक्कर में आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त की ।
कार्यक्रम में विशेष अतिथि डॉ. श्वेता विंचूरकर (प्राचार्य सांई श्री इंटरनेशनल हा.से. स्कूल ) ने महिला की महत्ता प्रतिपादित करते हुए मंडल मिश्र की पत्नी उभय भारती का उदाहरण देते हुए कहा कि महिला उस समय भी बौद्धिक सम्पन्नता से पूर्ण थी । महिलाओं ने मध्ययुग में संघर्ष कर अपने अस्तित्व को सदैव बनाए रखा ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शास्त्रीय संगीत की मर्मज्ञ विदुषी श्रीमती सुशीला व्यास ने अनुभूति संस्था द्वारा महिला साहित्यिोत्सव के आयोजन को सार्थक बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से महिलाओं में अपूर्व शक्ति ऊर्जा प्राप्त होकर समाज पुरूषों के समक्ष अपनी साम्थ्र्य सिद्ध में सहायता मिल सकती है ।
महिला साहित्योत्सव में डॉ. गीता दुबे, डॉ. खुशबु जांगलवा, डॉ. पूर्णिमा शर्मा, डॉ. सुनीता जैन, आशा रानी उपाध्याय, पुष्पलता शर्मा, डॉ. सोना सागर, साधना परमार, वैदेही कोठारी, रूपाली जैन, डॉ. अनिला कंवर, रश्मि पंडित, सपना, सविता तिवारी, रीता दीक्षित, आशा श्रीवास्तव, नीलम शर्मा, अनिता व्यास, अंतिम बाला बिंदल, उदेयकुंवर पंवार, सविता तिवारी, प्रेमलता जैन, इंदु सिन्हा,योगिता राजपुरोहित, सौम्या भावसार, आराधना गुप्ता, सुनीता नागदे, सुनीता तावडे, निवेदिता देसाई आदि ने अपनी उत्कृष्ट कविता, गीत, ग$जल का पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया है । इन्हें में से कुछ महिलाओं द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर अपने विचार व्यक्त किए।
अनुभुति महिला समिति संयोजक श्रीमती इन्दु सिन्हा, श्रीमती छवि नीलिमा सिंह, श्रीमती श्रद्धा जलज घाटे ने अतिथियों को प्रतिक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया ।
कार्यक्रम में साहित्यकार प्रणयेश जैन, डॉ. मोहन परमार, दिनेश कुमार जैन, हरिशंकर भटनागर, अब्दुल सलाम खोकर, रामचन्द्र फुहार, शांतिलाल गोयल शांतनु, लक्ष्मण पाठक, गौरीशंकर खिंची, कैलाश वशिष्ठ, श्याम सुंदर भाटी, प्रकाश जैन, छत्रपाल सिंह दाताहोकम, डुंगरसिंह पंवार, प्रकाश हेमावत, मुकेश जैन, दिनेश उपाध्याय, गौरीशंकर खिचि, पंकज व्यास आदि दर्शक श्रोता के रूप में उपस्थित रहे। संस्था अनुभूति द्वारा महिला समिति संयोजकों को प्रतिक चिन्ह भेंट किए गया । इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं को संस्था द्वारा गिफ्ट प्रदान किए।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में माँ सरस्वती की प्रतिकृति पर मार्ल्यापण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरूवात की गई । इसके पश्चात इन्दु सिन्हा द्वारा संस्था रिपोर्ट एवं स्वागत भाषण दिया गया । श्रीमती छवि निलीमा सिंह द्वारा अतिथि परिचय दिया गया । कार्यक्रम का संचालन श्रीमती योगिता राजपुरोहित एवं आभार डॉ. अनिला कंवर द्वारा प्रकट किया गया ।

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