व्यावसायिक एलपीजी उपभोक्ताओं हेतु परामर्श जारी

रतलाम 13 मार्च । अपर कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी डॉ शालिनी श्रीवास्तव द्वारा वर्तमान परिस्थितियों में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित बनाए रखने के उद्देश्य से सभी व्यावसायिक एलपीजी उपभोक्ताओं (होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, केटरिंग इकाइयाँ, हॉस्टल, संस्थान आदि) को परामर्श जारी किए गए है ।
जारी परामर्श के अनुसार सभी प्रतिष्ठान एलपीजी का न्यूनतम एवं आवश्यकता अनुसार विवेकपूर्ण उपयोग करें तथा अनावश्यक खपत से बचें। जहाँ संभव हो, वहाँ वैकल्पिक ईंधन एवं उपकरणों का उपयोग किया जाए, जैसे- डीजल भट्टियाँ, इलेक्ट्रॉनिक इण्डक्शन, रोटी मेकर, इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरण आदि। प्रतिष्ठान अपने मेन्यू में अस्थायी रूप से ऐसे विकल्प शामिल करें, जिनमें एलपीजी की खपत अपेक्षाकृत कम हो। डीप-फ्राइड (गहरे तेल में तले हुए) खाद्य पदार्थों की तैयारी को यथासंभव कम करें अथवा अस्थायी रूप से टालें, क्योंकि इनमें एलपीजी की खपत अधिक होती है। होटल एवं रेस्टोरेंट संचालक वैकल्पिक मेन्यू अपनाने पर विचार करें, जिससे कम ईंधन में भोजन तैयार किया जा सके। ईंधन की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें। जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का पालन करते हुए ईंधन प्रबंधन सुनिश्चित करें। ⁠इंधन के वैकल्पिक साधनों का उपयोग करते हुए अपने स्तर पर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था एवं अग्निरोधी उपाय अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें।
जिला प्रशासन द्वारा एलपीजी की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जा रही है। सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से अपेक्षा है कि वे सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए एलपीजी के विवेकपूर्ण एवं सीमित उपयोग को सुनिश्चित करेंगे, जिससे आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो ।

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