


रतलाम, 17 मार्च। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक (प्रभारी) प्रदीप कुमार द्वारा 17 मार्च 2026 को रतलाम मंडल के प्रवास के दौरान रतलाम–चित्तौड़गढ़ रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य रेल संरक्षा एवं परिचालन व्यवस्थाओं का समग्र मूल्यांकन करना था।
चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन पर मीडिया से चर्चा के दौरान महाप्रबंधक श्री कुमार ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सिग्नलिंग प्रणाली, ट्रैक की स्थिति, पुलों की संरचना तथा विद्युतीकरण कार्यों का गहन परीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि रेल संरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी दृष्टिकोण से नियमित निरीक्षण किए जा रहे हैं।
महाप्रबंधक ने आगे बताया कि नीमच–रतलाम रेलखंड के दोहरीकरण कार्य का भी जायजा लिया गया। यह कार्य लगभग पूर्णता की ओर है। मंदसौर–दलौदा तथा रतलाम–धौसवास खंड के लगभग 18 किलोमीटर हिस्से में कार्य शीघ्र पूर्ण होने की संभावना है। इस परियोजना के पूर्ण होते ही चित्तौड़गढ़–रतलाम रेलखंड पूर्ण रूप से दोहरीकृत हो जाएगा। इससे मालगाड़ियों एवं यात्री गाड़ियों के संचालन में सुगमता आएगी, क्रॉसिंग संबंधी समस्याएं समाप्त होंगी तथा यात्रियों का यात्रा समय कम होगा।
निरीक्षण के दौरान मंदसौर रेलवे स्टेशन पर चल रहे विकास एवं निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। यहां नई स्टेशन बिल्डिंग, फुट ओवर ब्रिज सहित विभिन्न यात्री सुविधाओं का निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर प्रगति पर है।
महाप्रबंधक श्री कुमार ने यह भी जानकारी दी कि चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की योजना अंतिम चरण में है और इस कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने के लिए प्राथमिकता के साथ कार्य किया जा रहा है। इस निरीक्षण के दौरान मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी कुमार सहित मंडल के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
पश्चिम रेलवे द्वारा यात्री सुविधाओं के उन्नयन एवं सुरक्षित रेल संचालन हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।