रतलाम । भारतीय रेल वर्तमान में अभूतपूर्व विस्तार एवं आधुनिकीकरण के दौर से गुजर रही है, जिसे केंद्रीय बजट 2026–27 में लगभग ₹2.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड बजटीय आवंटन से सशक्त समर्थन मिला है। संसद में डिमांड्स फॉर ग्रांट्स (2026–27) पर चर्चा के दौरान माननीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा को देश के सभी राज्यों को लाभान्वित करने वाली रेल सेवाओं के सुदृढ़ीकरण तथा प्रमुख अवसंरचनात्मक परियोजनाओं की प्रगति के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
माननीय मंत्री ने भारतीय रेल में हो रहे इस व्यापक परिवर्तन को “धीमी गति से विकास” से “सुपर-फास्ट ट्रांसफॉर्मेशन” की ओर एक निर्णायक बदलाव बताया, जो राष्ट्रीय परिवहन प्रणाली में एक नए युग की शुरुआत का संकेत देता है।
संसद में डिमांड्स फॉर ग्रांट्स पर चर्चा करते हुए माननीय रेल मंत्री श्री वैष्णव ने पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के अंतर्गत उज्जैन में 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ की तैयारियों के बारे में भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रतलाम मंडल के उज्जैन क्षेत्र में पिंगलेश्वर, विक्रम नगर, चिंतामण गणेश एवं नई खेड़ी रेलवे स्टेशनों के विकास, उज्जैन–फतेहाबाद–चंद्रावतीगंज रेलखंड की डबलिंग तथा इंदौर एवं उज्जैन को सम्मिलित करते हुए सेंट्रल कंट्रोल सेंटर की स्थापना सहित अनेक महत्वपूर्ण कार्य प्रगति पर हैं।
माननीय मंत्री ने आगे बताया कि नई रेल लाइनों का निर्माण, विद्युतीकरण तथा स्टेशन पुनर्विकास जैसी प्रमुख अवसंरचनात्मक परियोजनाएं देशभर में अभूतपूर्व गति से क्रियान्वित की जा रही हैं।
उन्होंने भारतीय रेल के लगभग 12.5 लाख कर्मचारियों—लोको पायलट, स्टेशन मास्टर, कंट्रोलर, पॉइंट्समैन एवं अन्य अधिकारियों—के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ये सभी कर्मचारी होली, दीपावली जैसे त्योहारों पर भी अपने परिवार से दूर रहकर पूर्ण समर्पण एवं निष्ठा के साथ रेलवे के सुरक्षित एवं सुचारु संचालन में योगदान दे रहे हैं।