
रतलाम 25 मार्च। गुम हुए मोबाइल फोन से नागरिकों को होने वाले आर्थिक नुकसान को देखते हुए रतलाम पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया गया, जिसके तहत सायबर सेल ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करते हुए 100 गुम मोबाइल फोन ट्रेस कर लगभग ₹20 लाख मूल्य के मोबाइल उनके वास्तविक धारकों को वापस सौंपे।
पुलिस अधीक्षक रतलाम श्री अमित कुमार (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विवेक कुमार लाल के मार्गदर्शन में सायबर सेल द्वारा यह विशेष अभियान संचालित किया गया। अभियान के दौरान CEIR पोर्टल के माध्यम से गुम हुए मोबाइल फोन की तकनीकी जांच कर उन्हें ट्रेस किया गया।
बरामद मोबाइल फोन रतलाम, इंदौर, धार, मंदसौर, नीमच, उज्जैन, झाबुआ सहित विभिन्न स्थानों से प्राप्त किए गए। जांच में सामने आया कि अधिकांश मोबाइल फोन अलग-अलग व्यक्तियों को रास्ते में गिरे हुए मिले थे, जिन्हें उन्होंने अनजाने में उपयोग करना शुरू कर दिया था। पुलिस द्वारा ऐसे व्यक्तियों को भविष्य में किसी का मोबाइल मिलने पर निकटतम थाने में जमा कराने की समझाइश दी गई। बरामद मोबाइलों में प्रमुख कंपनियां— सैमसंग, वीवो, रियलमी, रेडमी, ओप्पो, एप्पल तथा अन्य विभिन्न कंपनियों के मोबाइल शामिल रहे।
सायबर फ्रॉड के संबंध ने जागरूक किया
सायबर सेल टीम द्वारा मोबाइल धारकों को मोबाइल सुरक्षा एवं सायबर फ्रॉड से बचाव के उपायों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई।
सराहनीय भूमिका
इस अभियान में निरीक्षक अमित कोरी, उप निरीक्षक जीवन बारिया, प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा, प्रधान आरक्षक लक्ष्मीनारायण सूर्यवंशी, प्रधान आरक्षक हिम्मत सिंह, आरक्षक विपुल भावसार, आरक्षक मयंक व्यास, , आरक्षक राहुल पाटीदार, आरक्षक तुषार सिसौदिया, आरक्षक मोर सिंह, आरक्षक जितेंद्र चौधरी एवं आरक्षक वीरेंद्र डाबी की विशेष सराहनीय भूमिका रही।
रतलाम पुलिस द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि यदि किसी को कोई गुम मोबाइल फोन मिलता है तो उसे अपने पास रखने के बजाय निकटतम पुलिस थाने में जमा कराएं। ऐसा करने वाले व्यक्तियों को उचित पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। रतलाम पुलिस द्वारा नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा एवं सायबर अपराधों की रोकथाम हेतु इस प्रकार के अभियान निरंतर जारी रहेंगे।