- भजन गायिका शिवानी सिसोदिया ने बांधा भक्ति का रंग
- गायत्री परिवार निशा धनोतिया ने रानियों के शौर्य से जगाया स्वाभिमान, कुरीतियों के खिलाफ दिया सशक्त संदेश


जावरा ( अभय सुराणा)। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा (महिला विंग) जावरा द्वारा आयोजित भव्य महिला सम्मेलन में महिला शक्ति, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने पूरे क्षेत्र में एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया। सम्मेलन की सबसे खास बात यह रही कि इसमें केवल क्षत्राणियां ही नहीं, बल्कि सर्व समाज की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे सामाजिक एकता और समरसता की एक मिसाल प्रस्तुत हुई। बड़ी संख्या में मातृशक्ति की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक और गरिमामय बना दिया।
अद्वितीय शौर्य और स्वाभिमान की सुनी गाथाऐं –
मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित गायत्री परिवार की निशा धनोतिया (आलोट) ने अपने प्रभावी उद्बोधन में राजपूत रानियों के अद्वितीय शौर्य, त्याग और स्वाभिमान की गौरवगाथा सुनाकर उपस्थित महिलाओं में नई चेतना और गर्व का संचार किया। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने का आह्वान करते हुए महिलाओं से आगे आकर परिवर्तन की अग्रदूत बनने की अपील की।
भजनों से बांधा समा –
कार्यक्रम के दौरान भजन गायिका शिवानी सिसोदिया ने अपने मधुर भजनों से ऐसा समां बांधा कि पूरा माहौल भक्ति रस में डूब गया। महिलाओं ने भजनों पर झूमते हुए सम्मेलन को जीवंत बना दिया। भजनों पर महिलाओं ने फुलों की होली के साथ रंग गुलाल उड़ाकर माहोल को भक्तिमय बना दिया। सम्मेलन में भजन गायिका शिवानी एवं मुख्य वक्ता का सम्मान महिला विंग की कविता कुंवर चौहान, मनिषा राठौर, पुनम बिसेन, कुसूमकुंवर भाटी, अंनिता कुंवर सोलंकी, सपना सोलंकी, पूजा सोलंकी, आरती चौहान, भावना परिहार, दिनु राठौर, चंचल चंद्रावत, रजनी चौहान, आस्था सोनगरा, लक्ष्मी राठौर, रीना मालवीय, साधना सांखला, विनीता सोनी, रेखा रावल, चंचल गादीया, प्रिया सोनी सहित वरिष्ठ महिलाओं द्वारा किया गया।
विजेताओं ने पाया सम्मान –
इस दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं में मनीषा राठौर और संगीता सोनी को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शलेश और क्राउन पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, भक्ति गीतों और सामाजिक संवाद के माध्यम से महिलाओं में आत्मविश्वास, एकता और जागरूकता का संदेश दिया गया। अंत में आयोजकों ने सभी महिलाओं का आभार व्यक्त करते हुए ऐसे आयोजनों को समाज के सशक्त निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।