पश्चिम रेलवे विविध राजस्व में ₹1,350 करोड़ का रिकॉर्ड बनाया

  • पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 23% वृद्धि;
  • लगातार तीसरे वर्ष ₹1,000 करोड़ का आंकड़ा पार

मुंबई। पश्चिम रेलवे द्वारा विविध राजस्व सृजन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान विविध राजस्व के रूप में अब तक की सर्वाधिक आय ₹1,350 करोड़ दर्ज किया गया है। यह उल्लेखनीय उपलब्धि पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 23% की सुदृढ़ वृद्धि को दर्शाती है तथा लगातार तीसरे वर्ष ₹1,000 करोड़ के आंकड़े को पार करने का रिकॉर्ड भी स्थापित करती है।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री विनीत अभिषेक द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, विविध राजस्व में मुख्य परिवहन सेवाओं के अतिरिक्त स्रोतों से प्राप्त आय शामिल होती है। पश्चिम रेलवे का यह उत्कृष्ट प्रदर्शन राजस्व स्रोतों के विविधीकरण, परिसंपत्तियों के सर्वोत्तम उपयोग तथा गैर-किराया आय के साधनों को सुदृढ़ करने पर निरंतर फोकस को दर्शाता है। इस राजस्व में प्रमुख योगदान प्रॉपर्टी डेवलपमेंट, भूमि एवं भवन किराया, वे-लीव शुल्क, साइडिंग रखरखाव शुल्क, विज्ञापन, पार्किंग तथा कैटरिंग से प्राप्त आय का है। अन्य महत्वपूर्ण स्रोतों में गैर-रेलवे निकायों से पुराने बकाया की वसूली, अनक्लेम्ड जमा राशि तथा दंड, जुर्माना, ब्याज, निरीक्षण शुल्क एवं अन्य विविध मदों से प्राप्त आय शामिल है।
यह उपलब्धि विभिन्न विभागों के समन्वित एवं परिणाम-केंद्रित प्रयासों के माध्यम से गैर-किराया राजस्व आधार को मजबूत करने की पश्चिम रेलवे की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह रिकॉर्ड विविध राजस्व न केवल सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन का परिचायक है, बल्कि राजस्व सृजन के अभिनव उपायों की खोज तथा संसाधनों के इष्टतम उपयोग के प्रति पश्चिम रेलवे के प्रयासों को भी मजबूती प्रदान करता है।

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