पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 में रचा इतिहास

98.44% समयपालनता के साथ भारतीय रेलवे में प्रथम स्थान, हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन

रतलाम । पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के लिए वित्त वर्ष 2025-26 उपलब्धियों से भरा रहा। इस अवधि में वाणिज्य, परिचालन, इंजीनियरिंग, सिग्नल, विद्युत, चिकित्सा तथा रेलवे सुरक्षा बल सहित सभी विभागों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए नए कीर्तिमान स्थापित किए।
मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय रतलाम में आयोजित प्रेस वार्ता में मंडल रेल प्रबंधक श्री अश्‍वनी कुमार ने बताया कि रतलाम मंडल ने 98.44 प्रतिशत समयपालनता हासिल कर भारतीय रेलवे में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जो न केवल मंडल बल्कि पूरे पश्चिम रेलवे के लिए गर्व का विषय है। इस दौरान 111 दिनों तक 100 प्रतिशत मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की समयपालनता दर्ज की गई। प्रेस वार्ता के दौरान जनसंपर्क अधिकारी रतलाम मंडल श्री मुकेश कुमार भी उपस्थित रहे।
माल परिवहन के क्षेत्र में मंडल ने 19.79 मिलियन टन लोडिंग कर पिछले वर्ष की तुलना में 2.91 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की। मार्च 2026 में 7058 रेक लोडिंग तथा 2.14 मिलियन टन की सर्वोच्च मासिक लोडिंग हासिल की गई। एक दिन में 1934 वैगनों तथा 1,22,700 टन की रिकॉर्ड लोडिंग भी की गई। मालगाड़ियों की औसत गति 26.84 किमी/घंटा रही, जो पिछले वर्ष से 3.8 प्रतिशत अधिक है। इस वर्ष बरायला चौरासी एवं बिनजाना गुड्स शेड से लोडिंग शुरू की गई तथा पहली बार मेघनगर से जिप्सम और दाहोद से लाइमस्टोन की लोडिंग की गई। मंडल ने 61 परिचालन बाधाओं को दूर कर ट्रेन संचालन को बेहतर बनाया और 27 नए गंतव्यों व 22 नए ग्राहकों से 20.72 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। 15,478 क्रैक ट्रेनों का संचालन कर दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया गया। उज्जैन स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग तथा प्लेटफॉर्म क्रमांक 8 को नागदा एंड से जोड़ा गया।
वाणिज्य विभाग ने भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। यात्री आय 1167.51 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष से 12 प्रतिशत अधिक है। टिकट चेकिंग आय 26.21 करोड़ रुपये रही, जो 27.77 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। कुल माल भाड़ा आय 2089.05 करोड़ रुपये रही और मंडल का कुल राजस्व 3411.25 करोड़ रुपये तक पहुंचा। ओरिजिनेटिंग यात्रियों की संख्या 51.10 मिलियन रही, जो 9 प्रतिशत की वृद्धि है। नॉन-फेयर रेवेन्यू के तहत रतलाम स्टेशन पर पहली बार मिनी मॉल खोला गया तथा रतलाम, इंदौर और चित्तौड़गढ़ स्टेशनों पर डिजिटल लॉकर सुविधा शुरू की गई। टिकट चेकिंग लॉबी में बायोमेट्रिक साइन ऑन/ऑफ प्रणाली लागू कर रतलाम मंडल पश्चिम रेलवे का पहला मंडल बना।
इंजीनियरिंग विभाग ने कचनारा, दलौदा और ढोढर स्टेशनों पर फुट ओवर ब्रिज का निर्माण किया तथा कचनारा स्टेशन पर हाई लेवल प्लेटफॉर्म बनाया गया। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत चंदेरिया में नए स्टेशन भवन का निर्माण किया गया और अन्य 15 स्टेशनों पर कार्य प्रगति पर है। 12 मानवयुक्त लेवल क्रॉसिंग बंद कर 13 लिमिटेड हाइट सबवे तथा 3 रोड ओवर ब्रिज बनाए गए। मिशन रफ्तार के तहत नागदा-गोधरा खंड में कर्व रिअलाइनमेंट कर ट्रेनों की गति में सुधार किया गया। नीमच-रतलाम दोहरीकरण का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है तथा इंदौर-दाहोद नई लाइन परियोजना के अंतर्गत टीही टनल का निर्माण अंतिम चरण में है।
सिग्नल विभाग ने नागदा-गोधरा खंड में 224.49 किमी पर ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली लागू की और 30 मार्च 2026 को 224 किमी में अत्याधुनिक ‘कवच’ प्रणाली का सफलतापूर्वक कमीशनिंग किया। इसके अलावा 61 स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए तथा 11 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली स्थापित की गई। विद्युत विभाग ने हरित ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए 368 किलोवाट सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए।
चिकित्सा विभाग ने 4 बेड वाले नए कैजुअल्टी कक्ष का निर्माण एवं उद्घाटन किया तथा मंडल अस्पताल की लैब को 2025–2028 के लिए NABL प्रमाणन प्राप्त हुआ। इस दौरान 1596 कर्मचारियों और 703 अभ्यर्थियों का चिकित्सा परीक्षण किया गया तथा 14 “ईट राइट स्टेशन” और 4 “ईट राइट कैंपस” को FSSAI प्रमाणन मिला।
रेलवे सुरक्षा बल ने “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” के तहत 130 बच्चों को सुरक्षित बचाया तथा “ऑपरेशन जीवन रक्षा” में 6 यात्रियों की जान बचाई। “ऑपरेशन अमानत” के तहत 1047 खोई वस्तुएं, जिनकी कीमत लगभग 1.77 करोड़ रुपये है, यात्रियों को लौटाई गई।
इन सभी उपलब्धियों के साथ रतलाम मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भारतीय रेलवे में अपनी सशक्त पहचान स्थापित की है।

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