ज्योतिष व वैदिक कर्मकांड के पदाधिकारियों की बैठक में हुई चर्चा, शीतला सप्तमी 3 तारीख़ को मनाई जाएगी – पं. संजय शिवशंकर दवे

रतलाम । शीतला सप्तमी को लेकर अलग-अलग पंचांगों में 3 व 4 तारीख़ को लेकर असमंजस्य की स्थिति बन रही हैं जिसके कारण शीतलामाता पूजन को लेकर महिलाओं में असमंजस्य की स्थिति बन रही हैं इसी स्थिति को लेकर आज पं. संजय शिवशंकर दवे के नेतृत्व में ज्योतिष व वैदिक कर्मकांड के पदाधिकारियों की बैठक वैदिक जाग्रति ज्ञान-विज्ञान पीठ के कार्यालय विनोबा नगर पर रखी गई, जिसमे विष्णुकुमार शास्त्री द्वारा निर्मित श्री सिद्धविजय पंचांग रतलाम के आधार पर सर्वसम्मति से 3 अप्रैल को शीतलासप्तमी बनाने पर निर्णय हुआ । पं.दवे ने बतलाया कि इस बार छठ तिथि 2 तारीख को प्रात: 8.16 पर लग रही हैं व 3 तारीख के सूर्योदय पूर्व 4.13 पर ही समाप्त हो रही हैं ऐसी स्थिति में सूर्योदय पर छठ की अनुपस्थिति से छठ तिथि का क्षय हो रहा हैं इसी कारण शीतला सप्तमी 3 तारीख़ को मनाना ही नियमानुसार सही हैं ।
इस बैठक में ज्योतिष शिक्षण जन कल्याण समिति क़े पं.जीवन पाठक ने कहा कि पूर्व में भी अनेकों प्रयास एक तिथि औऱ एक त्यौहार को लेकर पञ्चाङ्गविदों को कहा गया हैं परन्तु पञ्चाङ्ग विद एक मंच पर आने को तैयार नहीं होते जिसके कारण जन समुदाय सनातनी बन्धुओ में व्रत हेतु असमंजस्य पैदा होता हैं ।
इस बैठक में ज्योतिष शिक्षण जनकल्याण समिति की औऱ से पं.जीवन पाठक , वैदिक जाग्रति ज्ञान-विज्ञान पीठ क़े जिलाअध्यक्ष पं. चेतन शर्मा , युवा सेवा संघ समिति से पं. हितेंद्र जोशी , श्री राघवेंद्र सरकार समिति क़े पं. राजेश जोशी ,श्री विद्या उपासक से पं. वीरेंद्र कुमार रावल की विषय की विशेष उपस्थिति रही ।

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