वर्ष 2025-26 में अभूतपूर्व माल लदान उपलब्धियाँ

रतलाम, 07 अप्रैल। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के परिचालन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए माल लदान के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इस अवधि में मंडल ने कुल 19.79 मिलियन टन का लदान किया, जो वर्ष 2024-25 के 19.23 मिलियन टन की तुलना में 2.91 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि बेहतर योजना, प्रभावी संचालन तथा संसाधनों के समुचित उपयोग का परिणाम है।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री अश्विनी कुमार के कुशल मार्गदर्शन, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक के निर्देशन तथा मंडल परिचालन प्रबंधक (गुड्स) के समन्वित प्रयासों के साथ परिचालन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदार कार्यशैली के फलस्वरूप मंडल ने वर्ष 2025-26 में माल लदान और मालभाड़ा राजस्व दोनों के लक्ष्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त किया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए जनसंपर्क अधिकारी श्री मुकेश कुमार ने बताया कि मंडल द्वारा वर्ष 2025-26 में प्रतिदिन औसतन 848 वैगनों का लदान किया गया, जो पिछले वर्ष के 839 वैगनों की तुलना में 1.07 प्रतिशत अधिक है। इसी प्रकार, कुल 7058 रेक का लदान किया गया, जबकि वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा 6667 रेक था। मार्च 2026 में प्रतिदिन औसतन 1066 वैगनों का लदान दर्ज किया गया, जो मार्च 2025 के 1013 वैगनों से अधिक है। इसी माह 2.14 मिलियन टन का अब तक का सर्वाधिक मासिक लदान भी हासिल किया गया, जो पिछले वर्ष के 2.03 मिलियन टन से अधिक है।
वर्ष के दौरान 28 मार्च 2026 को 1934 वैगनों (42 रेक) का एक दिन में सर्वाधिक लदान किया गया। इसके अतिरिक्त 31 मार्च 2026 को 1,22,700 टन का एक दिन का सर्वाधिक लदान दर्ज किया गया, जो मंडल के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
विभिन्न कमोडिटी सेगमेंट में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। क्लिंकर लदान 10.32 मिलियन टन (2495 रेक) तक पहुंचा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2.08 प्रतिशत अधिक है। उर्वरक लदान 0.77 मिलियन टन (538 रेक) रहा, जिसमें 45.28 प्रतिशत की वृद्धि हुई। सीमेंट लदान 5.16 मिलियन टन (2247 रेक) रहा, जिसमें रेक की संख्या के आधार पर 14.40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। खाद्यान्न लदान 0.78 मिलियन टन (342 रेक) रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 97.56 प्रतिशत अधिक है। डीओसी (सोया खल्ली) में 0.32 मिलियन टन (173 रेक) के साथ 7.14 प्रतिशत तथा रेड ओकर में 0.25 मिलियन टन (64 रेक) के साथ 150 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
व्यापार विस्तार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गठित बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट ने नए ग्राहकों को जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके परिणामस्वरूप वर्ष 2025-26 में सीमेंट, क्लिंकर, कंटेनर, उर्वरक, खाद्यान्न एवं डीओसी से संबंधित परिवहन हेतु 27 नए गंतव्यों को जोड़ा गया। साथ ही 22 नए ग्राहकों के माध्यम से 40 रेक का लदान कर 20.72 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया। रतलाम मंडल से पहली बार मणिपुर के लिए भी लोडिंग की गई।
परिचालन क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए वर्ष के दौरान 61 परिचालन बाधाओं को समाप्त किया गया, जिससे ट्रेनों के संचालन में गति और सुगमता आई। इसके अतिरिक्त 40 सेक्शनों में कुल 15,478 क्रैक ट्रेनों का सफल संचालन किया गया, जो मंडल की दक्षता और बेहतर नेटवर्क प्रबंधन को दर्शाता है।
रतलाम मंडल की ये उपलब्धियां न केवल रेलवे के राजस्व में वृद्धि का संकेत देती हैं, बल्कि यह भी प्रमाणित करती हैं कि प्रभावी प्रबंधन, समन्वय और ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण के माध्यम से उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। यह सफलता भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणादायक सिद्ध होगी।