रतलाम, 10 अप्रैल। ‘जल ही जीवन है’ यह सार्वभौमिक रूप से सत्य है। गर्मी के समय में जल की आवश्यकता और अधिक होती है और उसमें भी यदि जल शीतल हो तो उसकी तो बात ही अलग है। इन्हीं बातों को दृष्टिगत रखते हुए पश्चिम रेलवे का रतलाम मंडल सतर्क है तथा इस संदर्भ में मंडल रेल प्रबंधक के निर्देशन में संबंधित विभागों द्वारा प्लेटफार्मों पर पानी की सुगम उपलब्धता हेतु निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।
रतलाम मंडल के वाणिज्य विभाग द्वारा यात्रियों को अपने सीट पर ही पीने के लिए शीतल जल उपलब्ध हो इसके लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों से संपर्क कर, गैर सरकारी संगठनों एवं अन्य सामाजिक संगठनों द्वारा स्टेशनों पर पानी पिलाने हेतु अनुमति प्रदान की जा रही है । वाणिज्य विभाग द्वारा इस वर्ष अभी तक विभिन्न स्टेशनों पर कुल 7 संस्थाओं/सामाजिक संगठनों/गैर सामाजिक संगठनों को शीतल जल पिलाने हेतु अनुमति प्रदान की गई । वर्तमान में नागदा तथा रतलाम में दो-दो तथा मंदसौर, बड़नगर एवं जावरा रेलवे स्टेशनों पर एक-एक संगठनों को शीतल जल वितरण हेतु अनुमति प्रदान की गई है। शीतल जल के लिए उपरोक्त सभी स्टेशनों पर ट्रॉली से पानी वितरण की सुविधा प्रदान की गई है ताकि यात्रियों को मटके का शीतल जल कोच के पास ही उपलब्ध हो सके। ऐसे ट्रॉलियों को ऐसे स्थान पर रखने के निर्देश दिये गये हैं जहॉं खानपान के स्टॉल या वॉटर बूथ कोच से दूर हों, जिससे कि यात्रियों को पेयजल प्राप्त करने में असुविधा न हो। इसके साथ ही स्टेशनों पर उपलब्ध वाटर बूथों पर पानी की उपलब्धता की
नियमित रूप से मॉनिटरिंग करने के साथ ही ठंडे पानी के लिए स्टेशनों पर लगाए गए वाटर कूलरों की कार्यशीलता की भी सतत निगरानी की जा रही है। सभी खान पान स्टॉलों को भी स्टॉल पर पानी की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया है। गर्मी के मौसम में यात्रियों को पानी की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु रतलाम मंडल द्वारा हर संभव प्रयासकिए जा रहे हैं।