
जावरा (नि.प्र.)। श्री श्वेतांबर जैन वरिष्ठ सेवा समिति द्वारा इस सत्र का प्रथम मैत्री मिलन समारोह एवं तीर्थ दर्शन 2300 वर्ष प्राचीन पावन धरा श्री सेमलियाजी महातीर्थ में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम समाजसेवी लालचंद सुराणा, राजकुमार सुराणा, अभय सुराणा (रतलाम) एवं जीवदया प्रेमी विनोद डांगी के विशेष आतिथ्य में आयोजित हुआ, जिसने आयोजन को विशेष ऊंचाई प्रदान की।

मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में दादा शांतिनाथ भगवान को छाप चढ़ाने का पुण्य लाभ श्रीमती चमेलीदेवी आनंदीलाल संघवी को प्राप्त हुआ। ढोल-नगाड़ों और भक्ति भाव के साथ निकले भव्य जुलूस में बड़ी संख्या में दंपति एवं सदस्यगण सिर पर छाप लेकर प्रभु के दरबार पहुंचे। वहां आरती, पूजा-अर्चना एवं वंदन कर सभी ने स्वयं को धन्य अनुभव किया।
अतिथियों के उद्बोधन
मुख्य अतिथि लालचंद सुराणा ने संस्था की गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि“अध्यक्ष अभय सुराणा की सकारात्मक सोच और कुशल नेतृत्व संस्था को निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर कर रहा है।”
उन्होंने आगामी मैत्री मिलन श्री बीबडोद तीर्थ में आयोजित करने का सुझाव देते हुए स्वयं सेवा का अवसर प्रदान करने का आग्रह किया। विशेष अतिथि राजकुमार सुराणा ने सेवा कार्यों में सक्रिय सहभागिता का आश्वासन देते हुए रतलाम में ब्लड बैंक के माध्यम से चल रहे सेवा कार्यों की जानकारी साझा की। वहीं जीवदया प्रेमी विनोद डांगी ने आगामी यात्रा श्री नाकोड़ाजी तीर्थ में आयोजित करने की घोषणा करते हुए मुख्य लाभार्थी बनने का सौभाग्य प्राप्त किया एवं सभी सदस्यों से वहां पधारने का आग्रह किया।
अध्यक्ष का संबोधन
संस्था अध्यक्ष अभय सुराणा ने स्वागत भाषण में संस्था की गतिविधियों एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए सभी सदस्यों को सेवा कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
स्वागत एवं प्रस्तुति
अतिथियों का आत्मीय स्वागत यात्रा संयोजक अभय श्रीमाल, नेमीचंद जैन, अनिल धारीवाल, अनिल पावेचा, अशोक सुराणा, बसंतीलाल चपडोद, शांतिलाल डांगी, एडवोकेट यशवंत सुराणा, संजय सुराणा सहित अनेक सदस्यों द्वारा किया गया।
श्रीमती आशा कोचट्टा, मंजू डांगी एवं पुष्पा चपडोद द्वारा प्रस्तुत 🎶 “मेरी भावना सब सुखी संसार बने” की सुमधुर प्रार्थना ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
प्रश्न मंच का संचालन अभय सुराणा द्वारा किया गया, जबकि पुरस्कार अशोक एवं इंदु रांका द्वारा प्रदान किए गए।
विशेष क्षण
कार्यक्रम में श्रेणीक-त्रिशला नादेचा एवं अशोक-सुशीला धोका दंपति की विवाह वर्षगांठ हर्षोल्लास से मनाई गई।
संघ पूजा का लाभ चमेलीदेवी आनंदीलाल संघवी को प्राप्त हुआ।
अन्य प्रमुख भूमिका
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन उपाध्यक्ष पुखराज पटवा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन सचिव राजकुमार हरण द्वारा व्यक्त किया गया।
उपस्थित गणमान्य सदस्य
डॉ. अशोक मंडलेचा, वर्धमान मांडोत, डॉ. सी.एम. मेहता, अभय भंडारी, सुभाष डूंगरवाल, विमल चपडोद, सुरेंद्र संघवी, अशोक झामर, आनंदीलाल लोढ़ा, दिलीप चत्तर, दिनेश सुराणा, कमल चपडोद, अजीत बरड़िया, पुखराज पारख, हेमंत जैन, राजेंद्र कोचर, प्रकाश पामेचा, अजय आंचलिया, विनोद लूनिया, सुशील मेहता, अशोक सावनसुखा, संतोष सांखला सहित बड़ी संख्या में सदस्यगण उपस्थित रहे। समारोह ने सेवा, श्रद्धा, संस्कार और धर्म के प्रति समर्पण का ऐसा संदेश दिया, जिसने सभी उपस्थितजनों के हृदय को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया।