18 अप्रैल शनिवार को आयोजित होगा निगम का विशेष सम्मेलन

‘‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’’ पर होगी चर्चा

रतलाम । नगर निगम का विशेष सम्मेलन निगम अध्यक्ष श्रीमती मनीषा शर्मा की अध्यक्षता में 18 अप्रैल मंगलवार को प्रातः 11ः00 बजे से निगम सभागृह में आयोजित होगा।
आयोजित सम्मेलन में डॉ0 भीमराव अम्बेडकर जी के चित्र पर पुष्पांजली के साथ ‘‘नारी शक्ति वंदन’’ के संबंध में चर्चा की जाना है। ‘‘नारी शक्ति वंदन’’ पर चर्चा की जाना है। मध्यप्रदेश शासन नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा प्रेषित पत्र अनुसार दिनांक 10 से 25 अपै्रल 2026 तक ‘‘नारी शक्ति वंदन’’ पखवाड़ा मनाया जाकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाना है।
दिनांक 16 अप्रैल 2026 से देश की संसद में ’’नारी शक्ति वंदन अधिनियम’’ के पूर्ण क्रियान्वयन को लेकर ऐतिहासिक चर्चा होने जा रही है। यह केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक अवसर है जब हमारे लोकतंत्र को और अधिक समावेशी और सशक्त बनाने का एक महायज्ञ किया जा रहा है।
समाज की प्रगति तभी संभव है, जब देश और समाज की आधी आबादी को भी महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लेने और देश का नेतृत्व करने के समान अवसर मिले। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में ’विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने में देश की नारी शक्ति का महत्वपूर्ण योगदान है। आज भारत की बेटियां अंतरिक्ष से लेकर खेल के मैदान तक और सेना से लेकर स्टार्ट-अप्स तक अपनी सफलता का परचम लहरा रही हैं।
मध्यप्रदेश राज्य हमेशा से महिला सशक्तिकरण के मामले में देश के लिए एक मॉडल राज्य साबित होता रहा है। प्रदेश सरकार ने महिलाओं को प्रदेश के विकास का ’भागीदार’ माना है। लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजना जैसी योजनाओं ने करोड़ों बहनों और बेटियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया है। मध्यप्रदेश देश के उन अग्रणी राज्यों में है, जिसने पुलिस भर्ती से लेकर शिक्षक भर्ती तक अपनी बेटियों को विशेष अवसर प्रदान किए हैं ताकि वे प्रदेश की शासन व्यवस्था का हिस्सा बन सकें। शासन ने स्व सहायता समूहों से जोड़ कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की कमान भी हमारी बहनों के हाथों में दी है।
देश के माननीय प्रधान मंत्रीजी श्री नरेंद्र मोदीजी के नेतृत्व में भारत सरकार का यह प्रयास है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम अपनी पूर्ण भावना के साथ देश में लागू हो और यह उचित होगा कि 2029 का लोकसभा चुनाव और सभी विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण को पूरी तरह से लागू करने के बाद हों। इससे मध्यप्रदेश की सभी लोकतांत्रिक संस्थाओं में भी नई ऊर्जा का संचार होगा। शासन व्यवस्था में महिलाओं की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित होने से जन-विश्वास और अधिक गहरा होगा।
यह अवसर किसी व्यक्तिया दल का नहीं, बल्कि हमारी माताओं-बहनों और आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य का है। इस दिषा में हम सभी सकारात्मक भूमिका निभाएंगे ऐसा पूर्ण विश्वास है।

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