साधक को यथायोग्य अन्य साधकों -आराधको को सहयोग देना चाहिए – श्री रवि मुनि जी म. सा. आदि ठाणा 3

जावरा (अभय सुराणा) । पुज्य गुरुदेव उमेशमुनि जी महाराज साहब “अणु” के सुशिष्य धर्मदास गण नायक प्रवर्तकदेव पूज्य गुरुदेव श्री जिनेन्द्रमुनि जी मा.सा. सेवाभावी श्री गिरीश मुनि जी म. सा., सेवाभावी श्री रवि मुनि जी म. सा. आदि ठाणा 3 जैन दिवाकर भवन दिवाकर मार्ग पर विराजमान है । पूज्य गुरुदेव ने आज के प्रवचन में फरमाया की भगवान ने संघ का निर्माण किया है साधना के लिए अतः साधक को यथायोग्य अन्य साधकों आराधको को सहयोग देना चाहिए सभी साधकों के प्रति अपने मन में वात्सल्य होना चाहिए यह दर्शनाचार है ।इससे हमारे सम्यरत्व की शुद्धि होती है और हमारी मोक्ष मार्ग में गति बढ़ती है सेवाभावी रवि मुनि जी महारा साहब ने भी धर्म सभा को संबोधित किया । दोप. 12 बजे ध्यान की मांगलिक गुरुदेव के पावन मुखारविंद से प्रदान की जा रही है प्रवचन में संघ के अध्यक्ष श्री इंदरमल टुकड़िया, राजमल खारीवाल, राकेश मेहता, अभय चोपड़ा, सुभाष टुकड़िया, मनोहरलाल चपरोद मोहनलाल पोखरना धर्मचंद श्री श्रीमाल महावीर डांगी कमल चपड़ोद पवन डांगी, आयुष चोरडीया अशोक झामर, निलेश टुकड़िया, अनिल चत्तर, धनसुख चौरडिया, विमल चपडोद विनोद लूनिया शांतिलाल जी डांगी विनोद ओस्तवाल अशोक गोलेछा अनिल राका शेरपुर संजय टुकड़िया अनिल पोखरना आदि उपस्थित थे धर्मसभा का संचालन संघ के महामंत्री श्री कनकमल चोरडिया ने किया।

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