कुओं से सिंचाई, भूजल संतुलन कायम: शक्करखेड़ी बना जिले के लिए प्रेरणास्त्रोत

जावरा (अभय सुराणा) । जावरा विकासखंड के ग्राम शक्करखेड़ी में जन अभियान परिषद की नवांकुर समिति अटल ग्राम विकास सामाजिक संगठन द्वारा जल संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जल संरक्षण और भूजल संतुलन को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
कार्यक्रम के दौरान अटल ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष अभय कोठारी ने कहा कि क्षेत्र में भूजल की अच्छी उपलब्धता के चलते यहां ट्यूबवेल की संख्या बहुत कम है और किसान आज भी कुओं के माध्यम से सिंचाई कर रहे हैं। उन्होंने इसे आदर्श स्थिति बताते हुए कहा कि जहां अन्य क्षेत्रों में ट्यूबवेल के अत्यधिक उपयोग से भूजल स्तर गिर रहा है, वहीं शक्करखेड़ी में संतुलन बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि रतलाम जिले में यह क्षेत्र एक मिसाल है, जहां ट्यूबवेल की नगण्यता और कुओं की अधिकता देखने को मिलती है। यह व्यवस्था न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश के किसानों के लिए प्रेरणादायक है। साथ ही उन्होंने भूजल संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता बताई। इस अवसर पर ग्राम पंचायत द्वारा गांव में उपलब्ध पेयजल स्रोतों और व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया गया। सरपंच अर्जुन शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि गांव के कुओं में पूरे वर्ष पानी उपलब्ध रहता है, जिससे ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति की जाती है। लगभग 1000 की आबादी वाले इस गांव में करीब 250 मकान हैं।
कार्यक्रम में गेंदालाल पांचाल, राजेंद्र प्रसाद शर्मा, अशोक लोहार, कालू सिंह सहित कई ग्रामीणजन उपस्थित रहे।