जावरा में जनसमस्याओं पर घिरी नगरपालिका : स्विमिंग पूल बंद, नामांतरण अटका और आवास योजना के सैकड़ों आवेदन लंबित

जावरा (अभय सुराणा) । जावरा नगर में जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनिल दसेड़ा ने नगरपालिका कार्यालय पहुंचकर मुख्य नगरपालिका अधिकारी चंद्रशेखर सोनिस से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने स्विमिंग पूल संचालन, अविकसित कॉलोनियों में नामांतरण व भवन निर्माण अनुमति तथा प्रधानमंत्री आवास योजना 2 के लंबित आवेदनों को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए त्वरित समाधान की मांग की।
दसेड़ा ने चर्चा के दौरान मध्यप्रदेश राजपत्र 13 जनवरी 2022 के नियम 16 तथा प्रधानमंत्री आवास योजना 2 के नियम 319 की प्रतिलिपि भी अधिकारियों को सौंपते हुए नियमानुसार कार्यवाही करने का आग्रह किया।

स्विमिंग पूल बंद, युवाओं को नहीं मिल रहा लाभ
पूर्व नपाध्यक्ष ने बताया कि पूर्व परिषद द्वारा करीब 2 करोड़ 11 लाख रुपये की लागत से जावरा नगर को स्विमिंग पूल की सौगात दी गई थी, लेकिन नगरपालिका की लापरवाही और ठेकेदार से भुगतान विवाद के चलते यह भीषण गर्मी में भी बंद पड़ा है। उन्होंने कहा कि अप्रैल-मई जैसे गर्म मौसम में स्विमिंग पूल चालू रहना चाहिए, ताकि नागरिकों विशेषकर युवाओं को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय पर संचालन नहीं हुआ तो यह संरचना धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त हो जाएगी।

अविकसित कॉलोनियों में नामांतरण और भवन अनुमति पर रोक से परेशानी
दसेड़ा ने कहा कि पूर्व परिषद के समय अविकसित कॉलोनियों में नामांतरण की प्रक्रिया जारी थी, लेकिन वर्तमान परिषद द्वारा यह कार्य बंद कर दिया गया है। साथ ही भवन निर्माण अनुमति भी नहीं दी जा रही, जिससे न केवल सैकड़ों नागरिक परेशान हो रहे हैं बल्कि नगरपालिका को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश राजपत्र 13 जनवरी 2022 के नियम 16 के अनुसार यदि कॉलोनाइजर द्वारा कॉलोनी विकास की अनुमति ली गई है, तो भवन निर्माण की अनुमति दी जा सकती है।

प्रधानमंत्री आवास योजना 2 में पात्रों के आवेदन लंबित
प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर दसेड़ा ने बताया कि वर्ष 2016 से 2020 के बीच पूर्व परिषद ने 2142 आवास बनाकर उज्जैन संभाग में पहला स्थान प्राप्त किया था, जबकि वर्तमान परिषद के लगभग चार वर्ष के कार्यकाल में केवल 52 आवास स्वीकृत हुए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 300 पात्र आवेदनों को बिना कारण लंबित रखा गया है। योजना के नियम 319 के अनुसार रजिस्ट्री, पट्टा, भू-अधिकार या पैतृक संपत्ति के दस्तावेज रखने वाले आवेदक भी लाभ के पात्र हैं, लेकिन नगरपालिका केवल रजिस्ट्री वाले आवेदनों को ही स्वीकृत कर रही है।

जनप्रतिनिधियों से की तत्काल कार्यवाही की मांग
अंत में दसेड़ा ने नगरपालिका अध्यक्ष अनम युसुफ कडपा, सीएमओ, चेयरमैन, पार्षदों व एल्डरमैन से अपील की कि गर्मी को देखते हुए स्विमिंग पूल तुरंत चालू किया जाए, अविकसित कॉलोनियों में नामांतरण व भवन निर्माण अनुमति पुनः प्रारंभ की जाए तथा प्रधानमंत्री आवास योजना 2 के तहत सभी पात्र हितग्राहियों को शीघ्र लाभ प्रदान किया जाए, ताकि नागरिकों को राहत मिल सके।

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