विश्व पृथ्वी दिवस पर प्रकृति योग संगीत त्रिवेणी संगम

  • विशनित योग संगीत संस्थान द्वारा गुलाब चक्कर महका
  • हमें धरती की चिंता करना होगी – डाॅ पुरोहित

रतलाम। नगर की ऐतिहासिक पुरातन कालीन धरोहर गुलाब चक्कर अपनी संस्कृति अपना अस्तित्व लिए आज प्रकृति योग संगीत का समावेश आनंदम थैरेपी निश्चित ही स्वास्थ्य से समृद्धि आरोग्यता प्रदान करने में सहायक बन रहा।
हमारी शक्ति हमारा गृह विश्व पृथ्वी दिवस 22 अप्रैल 2026 के अवसर पर विशनित योग संगीत संस्थान के विशाल कुमार वर्मा नित्येन्द्र आचार्य द्वारा आयोजित संगीतमय महकते गुलाब चक्कर जहाँ प्रकृति योग संगीत सेवकों का अमृता नीम गिलोय बेल हरित माला, इंसुलिन प्लांट बेल व प्रकृति सेवा सम्मान पत्र से सम्मान के साथ सामूहिक संकल्प लिया गया ।
मुख्य अतिथि स्वरूप शिव शक्ति लाल आयुर्वेद कालेज प्राचार्य डाॅ. दिलिप नलगे द्वारा संबोधन के साथ सुमधुर गीतों की प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया रतलाम नगर इंदौर के सुप्रसिद्ध गायक विजय पाठक ने धरती माँ की अराधना की आज वर्तमान समय में प्राणवायु की संरचना संरक्षा औषधीय पेड़ पौधों से ही हैं इनके संरक्षण के लिए हमें हरसंभव प्रयत्नशील रहना होगा हमें हर हाल में धरती की चिंता करना होगी हम धरती को माॅ प्रकृति को देवता का स्थान देते हैं यह बात पर्यावरण विद डाॅ. खुशाल सिंह पुरोहित ने अपने विचार व्यक्त किए नगर निगम उघान निरिक्षक अनिल धाकड़, जैव विविधता प्रकृति मित्र नरेश सकलेचा, बालकृष्ण तिवारी, डाॅ प्रदीप जैन योग संगीत संस्थानों के प्रतिनिधियों श्रोताओं की उपस्थित रही ।
गायक गायिकाओं में विशेष तौर पर डाॅ. दिलिप नलगे, विजय पाठक, भागवतचार्य पं. चेतन शर्मा, हितेश व्यास, ओमप्रकाश बोरीवाल, राकेश बोरिया, शैलेंद्र पंवार, कुलदीप त्रिवेदी, बंटी लुईस, पारस राव, दुर्गेश सुरोलिया, विकाश वर्मा, अजय आचार्य, शिल्पा डाबी, श्रीमती स्वाती व्यास, श्रीमती विमलेश वर्मा, ने अपनी प्रस्तुतियों से प्रांगण आनंदमय रहा संचालन विशाल कुमार वर्मा व आभार नित्येन्द्र आचार्य ने किया।

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