कानून को व्यावहारिक बनाने में सहयोग करें प्रोफेशनल्स: न्यायमूर्ति रांका

  • आयकर रिटर्न केवल कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि वित्तीय साख का आधार: सीए राजेश मेहता
  • ​कर सलाहकार परिषद का सेमिनार संपन्न

​रतलाम। कर सलाहकार परिषद रतलाम के तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय सेमिनार गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में रतलाम सहित जावरा, झाबुआ, पेटलावद, मंदसौर एवं नीमच के चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, कर सलाहकारों, अधिवक्ताओं और प्रमुख उद्यमियों ने हिस्सा लिया।
​​कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एवं रिटायर्ड न्यायाधीश एसोसिएशन (नई दिल्ली) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री जे.के. रांका थे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि नीति निर्माताओं को अक्सर जमीनी स्तर की व्यावहारिक कठिनाइयों का पता नहीं होता, इसलिए टैक्स प्रोफेशनल्स को सरकार को समय-समय पर सुझाव देकर कर व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाने में भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने बदलते दौर का जिक्र करते हुए कहा, “आज एआई (AI) का युग है, इसका उपयोग जरूर करें लेकिन अपनी मेहनत, समझ और अनुभव का विकल्प इसे न बनने दें।”

​ITR की महत्ता पर विशेष सत्र
​इंदौर के प्रख्यात कर विशेषज्ञ सीए राजेश मेहता ने मुख्य वक्ता के रूप में आयकर रिटर्न (ITR) के नए फॉर्म्स और ज्वलंत विषयों पर तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयकर रिटर्न अब केवल टैक्स चुकाने तक सीमित नहीं है, बल्कि बैंक लोन, वीजा प्रक्रिया और सड़क दुर्घटना मुआवजा दावों में आय प्रमाण के रूप में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने धारा 139(1) के तहत कम आय होने पर भी रिटर्न दाखिल करने की अनिवार्यता और विदेशी यात्रा व उच्च मूल्य लेनदेन के सही खुलासे पर जोर दिया।
​​सेमिनार के दौरान प्रतिभाओं और विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया: ​सीए राजेश मेहता को प्रतिष्ठित “एस. डी. पुरोहित अवार्ड” से नवाजा गया। ​दिलीप पाटनी को वर्ष 2025 की स्टडी सर्किल बैठकों में श्रेष्ठ प्रस्तुति हेतु “एन. एम. रांका अवार्ड” प्रदान किया गया। ​मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति रांका का शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया।
​​कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी एवं डीपी ज्वेलर्स के संस्थापक श्री रतनलाल कटारिया ने की। उन्होंने कहा कि देश में ऐसी सरल व्यवस्था होनी चाहिए जिससे नागरिक गौरव के साथ स्वेच्छा से टैक्स देने के लिए प्रेरित हों। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजन से हुआ। परिषद अध्यक्ष अशोक भण्डारी ने स्वागत भाषण दिया और सचिव राकेश भटेवरा ने संस्था का परिचय दिया।
अरविन्द मेहता ने सीए राजेश मेहता का परिचय एवं दिलीप पाटनी ने न्यायमूर्ति श्री जे. के. रांका का परिचय प्रस्तुत किया।
न्यायमूर्ति श्री जे. के. रांका का स्वागत अध्यक्ष अशोक भण्डारी , केदार अग्रवाल, एस. एल. चपलोत, मनीष गुगलिया, संजय गांधी , पद्म मेहता अक्षय सिंहल एवं अन्य अतिथियों द्वारा किया गया। वहीं सीए राजेश मेहता का स्वागत राकेश भटेवरा, दिनेश जैन, एवं सीए रतलाम ब्रांच अध्यक्ष आकाश मित्तल द्वारा किया गया।
इस अवसर पर सीए श्री राजेश मेहता को “एस. डी. पुरोहित अवार्ड” सी. बी. रावत, राजेश खाबिया एवं दीपक पुरोहित द्वारा प्रदान किया गया। साथ ही वर्ष 2025 की स्टडी सर्किल बैठको में श्रेष्ठ प्रस्तुति हेतु दिलीप पाटनी को “एन. एम. रांका अवार्ड” प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में न्यायमूर्ति श्री जे. के. रांका का शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। न्यायमूर्ति श्री रांका का सम्मान संदीप मूणत, दिलीप पाटनी एवं इन्दरमल जैन द्वारा किया गया। वहीं स्मृति चिन्ह नविन पोखरना, कृष्ण गोपाल अग्रवाल, विशाल जोशी द्वारा भेंट किया गया।
सीए राजेश मेहता को स्मृति चिन्ह संजय कोचर, गोपाल काकानी, पराग जैन, विवेक खंडेलवाल एवं संजय मूणत द्वारा भेंट किए गए। वहीं श्री रतनलाल कटारिया को स्मृति चिन्ह रितेश नागोरी, एवं मोहित श्रीमाल द्वारा दिया गया।
संचालन गौरव गांधी ने किया एवं आभार उपाध्यक्ष अनिल जैन ने माना। इस अवसर पर केदार अग्रवाल, एस. एल. चपलोत, मनीष गुगलिया, संजय गांधी, संदीप मूणत सहित बड़ी संख्या में कर विशेषज्ञ उपस्थित थे।

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