


रतलाम। गायत्री परिवार ट्रस्ट एवं गायत्री शक्तिपीठ रतलाम के तत्वाधान में जिला जेल रतलाम में पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ सम्पन्न हुआ। जिला जेल रतलाम के बंदियों ने बड़ी संख्या में गायत्री महायज्ञ में उत्साह पूर्वक भाग लिया।
गुरु एवं ईश वंदना के साथ गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ करते हुए षटकर्म, देव आवाहन देव पूजन करते हुए विश्व शांति एवं सबके मंगल की कामना करते हुए स्वस्ति वाचन मंत्रों का सस्वर पाठ करते हुए वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अग्नि स्थापना कर गायत्री मंत्र, गणपति जी, नवग्रह देवता, षोडश मातृका की आहुतिया संपन्न की गई । गायत्री यज्ञ की पूर्णाहुति के पूर्व उपस्थित बंदियों सहित सबके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए महामृत्युंजय मंत्र की आहुतिया संपन्न कर पूर्णाहुति संपन्न की गई।
इस अवसर पर गायत्री परिवार नीमच के वरिष्ठ प्रभु लाल धाकड़ ने बताया कि युगऋषि गुरुदेव आचार्य श्रीराम शर्मा ने मानव मात्र को यह संदेश दिया है कि हम सबको देव दुर्लभ मानव शरीर मिला है, लोभ मोह एवं अहंकार से दूर रहकर अपने आप को श्रेष्ठ बनाने का प्रयास करना चाहिए। वहीं महिला मंडल की मंजुला शर्मा ने गायत्री महामंत्र की व्याख्या कर गुरु संदेश दिया।
गायत्री महायज्ञ का संगीत मय संचालन अशोक धाकड़ ने किया। यज्ञ के पश्चात नशा मुक्ति संदेश देकर जेल परिसर में सदवाक्य के बैनर लगाए गए।गायत्री महायज्ञ में सहयोगी के रूप में कमल एरन, दिव्यांश प्रजापति, रतलाम महिला मंडल से हेमलता शर्मा, रितु साहू, डॉली साहू, रश्मि शर्मा आदि उपस्थित थे। गायत्री परिवार नगर ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी पातिराम शर्मा ने जेल अधीक्षक लक्ष्मण सिंह भदौरिया सहित सभी सहयोगियों एवं श्रद्धापूर्वक यज्ञ में भाग लेने के लिए बंदियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की समाप्ति के बाद जेल अधीक्षक ने गायत्री परिवार रतलाम एवं नीमच के कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आपके द्वारा दिए गए मार्गदर्शन एवं ऋषि संदेश से निश्चित ही बंदियों में सकारात्मक परिवर्तन होगा।