
जावरा (निप्र)। जिस गुरु ने अपना सर्वत्र न्योछावर किया उस गुरु ने हम सब को मान सम्मान दिलाया। उस गुरु के प्रति हम निष्ठावान रहना चाहिए जावरा हमारी परंपरा के श्री रतनचंद जी म सा की पाट गादी का गांव रहा आप यहाँ स्थिरवर रहें है गुरु कस्तुर वह दीपक है जिन्होंने अज्ञान के अंधकार में ज्ञान का प्रकाश भर दिया। जिन्होंने हमारे भीतर के अंधकार को मिटाकर करुणा के मार्ग का आत्मबोध कराया। उक्त विचार प्रवर्तक श्री विजय मुनि जी म.सा. ने मंगलमय प्रवेश के पश्चात जैन दिवाकर भवन पर कहें।
उपाध्याय श्री गौतम मुनि जी म सा ने फरमाया की जहाँ समर्पण होता है वहाँ शंका नहीं होती है जहाँ शंका होती हैं वह समर्पण नहीं होता है तो बगैर समर्पण के किसी कार्य कि सफलता निश्चित नहीं होती हैं क्योंकि सभी के सहयोग संकल्प से सब कुछ साकार होता है बाप का कर्जा जो सुपात्र बेटा होता है वह चुकाता हैं गुरु कस्तुर का समर्पण सबके प्रति हैं तो को उस कर्ज चुकाना चाहिए।
डाॅ कुमुदलता जी म सा ने कहाँ की जिस धरती पर जन्म लिया जिस धरती ने हमें सब कुछ दिया उस धरती ने हमें मान सम्मान दिलाया उसका ऋण उतारना उस धरती के प्रति समर्पित रहते हुए वफादार रहतें हुए हमे धरती ने गुरु दिया और उस गुरु के प्रति सच्चा समर्पण होना चाहिए।
मधुर गायिका महासती डाॅ महाप्रज्ञा जी म सा ने स्तवन के माध्यम से में कहा कि “जहाँ हम आये हैं मन को भाये हैं जावरा आये मन भाये हैं इन लम्हों का सबको इंतजार था महफ़िल सजेगी मुझको पुरा एतबार था” उक्त जानकारी देते हुए मिडिया प्रभारी संदीप रांका जावरा, सुभाष टुकडियां, अभय सुराणा ने बताया की महावीर कांपलेक्स पर गुरुभक्त दिलीप कुमार रविकुमार चत्तर एवं भंवरलाल संदीप कुमार मेहता परिवार ने श्री संघ की नवकारसी का लाभ लिया गया नवकारसी के पश्चात प्रवर्तक श्री विजय मुनि जी म सा, उपाध्याय श्री गौतम मुनि जी म सा, उपप्रवर्तक श्री चंद्रेश मुनि जी म सा, आगम मर्मज्ञ श्री वैभव मुनि जी म सा आदि ठाणा 4 के साथ जावरा की कुल दिपिका डाॅ कुमुदलता जी म सा, जावरा की कुल की शान डाॅ महाप्रज्ञा जी म सा डाॅ पदमकिर्ती जी म सा आदि ठाणा के सानिध्य में चतुर्विध संघ के साथ महावीर कांपलेक्स स्टेशन रोड से मंगलमय प्रवेश का एक चल समारोह प्रारंभ होकर नगर के मुख्य मार्गो से होता हुआ जैन दिवाकर भवन पर पहुँचकर धर्मसभा में परिवर्तित हुआ नवकारसी के लाभार्थी परिवारों का शब्दों से अभिनंदन किया गया जैन दिवाकर बहु मंडल द्वारा स्वागत वंदन अभिनंदन स्तवन के माध्यम से किया गया।
14 मई गुरुवार के मंगल प्रवचन जैन दिवाकर भवन पर होंगे। 15 मई गुरुवार को गुरु भगंवतों एवं साध्वी मंडल के मंगलमय प्रवचन प्रातः 8:45 से महावीर स्कुल अरिहंत कॉलोनी पर होंगे। बाहर से पधारे हुए गुरुभक्तों के आत्थिय सत्कार का लाभ सुशील कुमार राहुल कुमार चपडोद ने लिया। प्रभावना का लाभ समाजरत्न बसंतीलाल धनसुख अनुकूल चौरडीया परिवार लिया ।
उक्त चल समारोह एवं धर्मसभा में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के पुर्वाध्याक्ष द्वय बसंतीलाल चपडोद, पारसमल बरडिया, दिपचंद डांगी, पुखराजमल कोच्चटा, सुशील चपडोद, कस्तुर पावन धाम ट्रस्ट अध्यक्ष राकेश मेहता, महामंत्री सुजानमल कोच्चटा, नगर पालिका उपाध्यक्ष सुशिल कोच्चटा, श्रीपाल कोच्चटा, शांतिलाल दुग्गड, समरथमल ओस्तवाल, पारसमल गादिया, अजीत रांका, के साथ दिगंबर श्री संघ के पवन पाटनी, खतरगच्छ श्री संघ के अध्यक्ष प्रदीप चौधरी, सुजानमल औरा, शांतिलाल डांगी, शेखर नाहर, बसंत बोथरा, कमल चपडोद, आकाश जैन, मनोज डांगी, विनोद लुणीया,जतीन कोच्चटा, राकेश पी कोच्चटा, संजय भंडारी, अशोक झामर, फतेहलाल जैन, अनिल दुग्गड, पुखराज भंडारी,जवाहरलाल श्रीश्रीमाल, सुरेश ओस्तवाल, दिलीप भंडारी, ऋषभ मेहता, यश मेहता, आयुष चोरडिया, पवन डांगी, राहुल रांका, नितिन कोलन, नितिन रांका, पारसमल ओरा, संजय झामर, राकेश ओस्तवाल, नगीन चपडोद, के साथ जैन दिवाकर नवयुवक मंडल, जैन दिवाकर महिला मंडल, जैन दिवाकर बहु मंडल, जैन दिवाकर महिला मंडल चोपाटी, जैन दिवाकर बहु मंडल चौपाटी कि सदस्यागण उपस्थित आदि थे। कार्यक्रम का संचालन श्री संघ के पुर्व महामंत्री संदीप रांका ने किया ।